संविधान की प्रस्तावना, भारत की मूल भावना और शब्द एक प्रतिज्ञा हैं: PM मोदी 

पीएम ने न्यायपालिका से अपील करते हुए कहा, "संविधान दिवस पर न्यायपालिका से अग्रह है कि युवाओं में संविधान की समझ बढ़े, इसके लिए ये जरूरी है कि वो संवैधानिक विषयों पर डिबेट का हिस्सा बनें." पीएम ने कहा कि भारत आज हर चुनौती को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है. भारत को अगले महीने से जी 20 की अध्यक्षता मिल रही है. ये देश के लिए एक बड़ा अवसर है. 

Advertisement
पीएम मोदी ने संविधान दिवस पर किया संबोधित पीएम मोदी ने संविधान दिवस पर किया संबोधित

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस पर संबोधित करते हुए कहा कि संविधान में लिखे शब्द एक प्रतिज्ञा हैं. इसकी प्रस्तावना भारत की मूल भावना है. हमारे दायित्व ही हमारी पहली प्राथमिकता हैं. पीएम ने कहा कि हमारा संविधान अपने विजन के लिए जाना जाता है. 

पीएम मोदी ने कहा कि गांधीजी कहते थे कि हमारे अधिकार, मूल कर्तव्य हैं, जिन्हें सच्ची इंटिग्रिटी और डेडिकेशन के साथ पूरा करते हैं.  हम कर्तव्यपथ पर चलते हुए देश को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं. मोदी ने कहा कि हमारे संविधान की स्पिरिट यूथ सेंट्रिक है. आज दुनियाभर में देश की युवा शक्ति अपना परचम लहरा रही है. संविधान और संस्थाओं की जिम्मेदारी युवाओं के कंधे पर है. न्यायपालिका न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है. आज कानूनों को और भी सरल किया जा रहा है.  

Advertisement

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत आज हर चुनौती को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है. भारत को अगले महीने से जी 20 की अध्यक्षता मिल रही है. ये देश के लिए एक बड़ा अवसर है. 

पीएम ने न्यायपालिका से की अपील

इस दौरान पीएम ने न्यायपालिका से अपील करते हुए कहा, "संविधान दिवस पर न्यायपालिका से अग्रह है कि युवाओं में संविधान की समझ बढ़े, इसके लिए ये जरूरी है कि वो संवैधानिक विषयों पर डिबेट का हिस्सा बनें. जब संविधान बना था तब देश के सामने क्या परिस्थितियां थी और बहसों में क्या हुआ था, युवाओं को इसकी जानकारी होनी चाहिए.

संविधान पर हो अधिक चर्चा: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि संविधान सभा में 15 महिला सदस्य थीं, उनमें एक महिला वंचित समाज से निकलकर पहुंचीं थी, उन्होंने दलितों, मजदूरों से जुड़े विषयों पर बात रखी थी. संविधान सभा की महिलाओं पर चर्चा कम हो पाई. जब हमारे युवा इन्हें जानेंगे तो उन्हें सवालों का जवाब मिलेगा. संविधान के प्रति निष्ठा पैदा होगी वो देश को मजबूत करेगी. ये भी देश की अहम जरूरत है.  

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »