एंटी पेपर लीक एक दिन पहले लोकसभा से पारित हो गया था. यह बिल अब राज्यसभा में आ गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में यह बिल पेश किया. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने की है.
इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने गतिरोध का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हम पिछले कई दिनों से एक मांग कर रहे हैं और सत्तापक्ष अपनी जिद पर अड़ा हुआ है. प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अमित शाह के सदन में बयान की मांग की.
वहीं, लोकसभा में गृह मंत्री के जवाब की मांग करते हुए कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और फिर दो जब कार्यवाही दूसरी बार शुरू हुई, इसे तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा चेयर को करनी पड़ी.
राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है. इस बिल के पारित हो जाने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार, 31 जुलाई को 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है. सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी.
इस बिल के कुछ क्लॉज में विपक्षी सदस्य जॉन ब्रिटास, एए रहीम, हरीश बीरान, संतोष कुमार पी ने संशोधन के नोटिस किए थे, लेकिन वोटिंग के समय सदन में मौजूद नहीं थे. पी विल्सन और तिरुचि शिवा ने संशोधन प्रस्तावित किए, जो संशोधन में गिर गए. यह बिल राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हो गया.
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा विषय है. प्रधानमंत्री मोदी जब विकसित भारत 2047 की बात करते हैं, ये बच्चे बड़ा निवेश हैं. मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि आज भी विपक्ष के नेता ने कहा कि 152 पेपर लीक हुए. इसे वह ऑथेंटिकेट नहीं कर सके. उन्होंने एम्स से लेकर मेडिकल कॉलेज और सीटों की बढ़ी संख्या तक, आंकड़े गिनाए. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मैनेजमेंट कोटा खतम कर प्रधानमंत्री ने मेडिकल शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाया. जितेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के जरिये भी छात्रओं को विषय चुनने में अधिक स्वतंत्रता दी गई है. उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों के लिए एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं. देशभर में ये 400 स्कूल खोले गए हैं.
प्रमोद तिवारी ने कहा कि सभी विपक्षी सदस्यों ने एक ही बात उठाई. जुर्म की बात हुई, लाठियों की बात हुई. हमें उम्मीद थी कि चर्चा समाप्त होने के पहले गृह मंत्री सदन में आएंगे. विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री सदन में आओ, सदन में आओ नारे लगाते हुए वॉकआउट कर दिया. इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष मुद्दा विहीन हो गया है. आज इन्होंने अपनी करतूत से इसको चरितार्थ कर दिया है कि इनके पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है. सत्तापक्ष ने सभी विषयों को सुना, लेकिन विपक्ष जवाब के समय वॉकआउट करके जा रहा है. यह व्यवहार गैरजिम्मेदाराना है. इनका लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है. पीएम मोदी की अगुवाई में सत्ताधारी पार्टी किसी भी विषय पर चर्चा के लिए हर समय तैयार है.
राघव चड्ढा ने कहा कि नीट के छात्रों से कुछ कहना चाहूंगा. आपका गुस्सा जायज है. आपकी बात प्रधानमंत्री ने सुनी और गार्जियन की तरह सिस्टम बदला. हमारी सरकार पेपर लीक के खिलाफ पहली बार एक फ्रेमवर्क लेकर आई है. जब बात छात्रों की आई, सरकार ने सुना और काम किया. छात्रों ने जिस उम्मीद के साथ अपनी बात प्रधानमंत्री के सामने रखी, तमाम एक्शन लिए गए. मात्र 75 दिन में चार्जशीट भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में दायर करा दी गई. जांच को लटकाया नहीं. अगली बार से नीट का पेपर ओएमआर शीट नहीं, कम्प्यूटर सिस्टम से कराया जाएगा. अपराधी के मन में खौफ पैदा करने के लिए ऐसा कानून लेकर आई है, जिसके पास होने के बाद कोई अपराधी सपने में भी पेपर लीक की बात सोचेगा तो उसकी रूह कांप जाएगी.
रामदास अठावले ने कहा कि हमने भी लाठी खाई है. लाठी खाने के लिए आगे बढ़ते थे. लाठी नहीं खाई होती, तो हम यहां नहीं आते. विपक्ष के लोग आरोप लगाते रहें, हम भगाते रहेंगे. मोदी जी जादूगर हैं. हमारा पूरा ध्यान था छात्रों के आंदोलन पर. अमेरिका से जो आया था चुपके-चुपके, उसका नाम है अभिजीत दिपके. वह हमारे समाज का है. उसने आंदोलन खड़ा किया. पुलिस पर पथराव करेंगे तो लाठीचार्ज होगा. संसद की ओर निकल पड़ोगे, तो पुलिस रोकने के लिए लाठी चलाएगी. मैं उसका समर्थन नहीं करता हूं. जांच होनी चाहिए. जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा बार-बार बात कर रहे थे. और भी छात्र थे, जो बैरिकेड तोड़कर इधर आने का प्रयास किया था. वहां जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. सरकार पूरा ध्यान दे रही थी. छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने के बाद गाया है मोदी जी के अभिनंदन के गीत. उनको भड़काने का काम मत करो. नौजवान हमारे साथ है और 2029 में भी नरेंद्र मोदी की सरकार आ रही है और उसमें मंत्रिमंडल में मैं भी रहूंगा.
संजय यादव ने कहा कि छात्रों के डर से प्रधानमंत्री ने दो मिनट में यह मैगी बिल तैयार कराया है. 12 साल में 12 मिनट भी शिक्षा पर सार्थक चर्चा नहीं की, उनको 12 बजे रात में इंस्टाग्राम पर आकर रील बनाना पड़ा और कहना पड़ रहा- हैलो फ्रैंड्स. सरकार ने समझा जेनजी फ्लावर है. युवाओं ने बता दिया कि वे फ्लावर नहीं, फायर हैं. एनटीए एक गैरजिम्मेदाराना संस्था है, जिसके हाथों में बच्चों का भविष्य है. लीकेज आपके सिस्टम में है. जिनके सिस्टम में लीकेज है, वे पेपर लीक कहां रोकेंगे.
कपिल सिब्बल ने कहा कि यहां जो चर्चा हो रही है, वह उस तरीके से नहीं हो रही कि परीक्षा सिस्टम में सुधार लाया जाए. आप बच्चों की अगर बात नहीं सुनोगे, तो समस्या होगी. मैंने बच्चों से बात की. पेपर लीक एक एकजुट करने वाला फैक्टर था. वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने की बात कर रहे थे. बच्चों का खयाल ये नहीं था कि पेपर लीक होगा कि नहीं होगा. देश के बच्चों के सामने भविष्य का मुद्दा है. उसके बारे में सोचिए. उसके बारे में तो आप कोई विधेयक ही नहीं लाए. अध्यापक हैं नहीं, बच्चों का भविष्य है नहीं और आप विधेयक ला रहे हो पेपर लीक का. बच्चे कह रहे हैं कि सारे ढांचे को सुधारो.
संजय राउत ने कहा कि जिस देश में राम मंदिर लीक होता है, उस देश में पेपर लीक होना बड़ी बात नहीं है. आप ये करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जितने भी लोग पकड़े गए हैं पेपर लीक में, सब बीजेपी के सदस्य हैं. संजय राउत ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली की बड़ी प्रतिष्ठा थी, आपने उसका बेड़ा गर्क कर दिया है.
केरल से सीपीएम के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि कमेटी पर कमेटी देश का सबसे बड़ा संकट है. कमेटी बना दो, मामला लटका दो. कोचिंग इंडस्ट्री का टर्नओवर 1. 4 लाख करोड़ रुपये है. नंदन नीलेकणि की कमेटी बना दी. उन्होंने कहा कि नंदन नीलेकणि से प्रधानमंत्री की जानें क्या बात हुई, कि आधार कार्ड को कूड़ा बताने वाले पीएम ने उनकी कमेटी बना दी. आप छात्रों के आंसू को टियर गैस से नहीं दबा सकते. छात्र भी हमारे बच्चे हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जॉन ब्रिटास हार्डकोर कम्युनिस्ट हैं, एजिटेशन पसंद करते हैं. उनसे पूछना चाहता हूं कि छात्रों की बात सुनना ठीक है या एजिटेशन को कुचलने के लिए इमरजेंसी लगा देना उचित है. इसके जवाब में जॉन ब्रिटास ने कहा कि इमरजेंसी जब लगाई गई थी, तब हम सबने इसका विरोध किया था. आपकी सरकार में अघोषित इमरजेंसी है. जयराम रमेश ने कहा कि तीन बार आरएसएस ने इंदिरा गांधी की लगाई इमरजेंसी का बचाव किया है. ऑथेंटिकेट करने को तैयार हूं.
आरजेडी के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने कहा कि ये कॉस्मेटिक रिफॉर्म काम नहीं करेंगे. सोर्स एनटीए है. सोर्स का इलाज कीजिए. आज हम इस बिल पर चर्चा नहीं कर रहे होते, कुछ और एजेंडा होता. आपने लीकेज करवाई पॉलिटिकल पार्टी में, उससे शक्तिवर्धन हुआ और उसको चाणक्य नीति कहा गया. आपका मोरल कम्पास थोड़ा कमजोर है. कहां दिक्कत हुई है, यह एक घंटे में पूरा समझा सकता हूं. स्वर्णिम काल पहले भी नहीं था, लेकिन आज हालात बहुत खराब हैं. जयंत चौधरी से मेरी बात हुई, 54 साल वालों को आप कहते हैं कि टेट देना होगा. जयंत चौधरी ने इस पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई आदेश हैं इसे लेकर. ये हमारी इच्छा नहीं है. प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने कहा कि आज भी लोग पूरी बहस देख रहे होंगे. हम प्रिवेंशन को एलिवेशन तक नहीं ले जा पा रहै हैं. दो मंत्री यहां बैठे हैं, जो पूरी बहस में रहे. डिसीजन मेकिंग में भी इनकी भूमिका होती. जेन जी की भाषा कॉपी करने की कोशिश हुई. इससे नहीं होता. उनकी इच्छा क्या है. वीडियो बना लेने से बात नहीं बनेगी. जेनजी की भाषा पर सवाल मत करिए, भाव समझिए. इस बार मंत्री गया है, अगली बार सरकार जाएगी.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नीट पेपर लीक के कारण सुसाइड करने वाले 21 बच्चों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्हें भी श्रद्धांजलि देता हूं जो दो हजार छात्र सुसाइड करने को मजबूर हुए हैं. पहले नीट में 22 लाख 80 हजार बच्चे बैठे थे. दोबारा हुई परीक्षा में 20 लाख बच्चे शामिल हुए. 2 लाख 80 हजार बच्चों के परीक्षा छोड़ने के लिए जिम्मेदार कौन है. पेपर कराने की जिम्मेदारी तो सरकार की है. आपको अपने ऊपर कॉन्फिडेंस ही नहीं है कि ऐसा पेपर कराएंगे, जिसमें पेपर लीक न हो. आप दो महीने में जांच, 5 महीने में ट्रायल पूरा हो जाएगा, ये आप कह रहे हैं. फास्ट ट्रैक की वास्तविकता यह है कि ढाई लाख केस पेंडिंग हैं. शाहीन नाम की एक लड़की है. उसका केस 15 साल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला और सभी आरोपी बरी हो गए. मोदी जी का नारा है- अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया. इस सरकार ने पेपर चुराया, स्कूल चुराया, राम का चंदा चुराया. पेपर चोरी से चंदा चोरी तक, चोरी के सारे गुनाह में तुम लोग शामिल हो. किसान आंदोलन करता है, तो खालिस्तानी हो जाता है. मुसलमान आंदोलन करता है, तो पाकिस्तानी हो जाता है. नौजवान आंदोलन करता है तो चाइनिस्तानी हो जाता है. जो नौजवानों पर गोली चलाती है, वो सरकार आतंकियों की तरह बर्ताव करती है. छात्र जो गए आंदोलन करने, उनको बर्बरतापूर्वक पीटा गया. 500 छात्रों को घायल किया. बिहार में एके-47 चलाया. क्या वे आतंकी हैं. इनकी एक सांसद हैं, किसान आंदोलन में किसानों पर भद्दी टिप्पणियां कीं, अब नौजवानों के आंदोलन में ऐसी टिप्पणियां कीं बच्चियों के लिए की सदन में कह नहीं सकता. समझाइए उसे. नौजवानों को गटर मत बोलो. आपकी सरकार को गटर में डालने का काम वो नौजवान करेंगे. ट्रेजरी बेंच से किसी सदस्य ने कुछ कहा, इस पर संजय सिंह ने कहा कि अकेले रहेंगे, तब भी तुम्हारे खिलाफ लड़ेंगे. बैठ जाओ तुम लोग चंदा चोरी करते हो. पेपर चोर हो. उन्होंने आगे कहा कि मैं सोच रहा था कि ये सरकार पेपर चोरों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती. एडुटेस्ट नाम की एक कंपनी गुजरात में ब्लैकलिस्ट हुई, उससे बिहार और यूपी में पेपर कराने का टेंडर मिला. उस कंपनी के संबंध प्रधानमंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री से हैं. ये पेपर चोर, चंदा चोर हमको धमकी दे रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की एक बात कहना चाहता हूं. जिन हाथों में शक्ति भरी है राजतिलक देने की, उन हाथों में ही ताकत है सिर उतार लेने की.
सपा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि मेरा मानना है, दंड बढ़ाने से कभी अपराध कम नहीं होता. ऐसा होता तो मृत्युदंड के प्रावधान वाले मामलों में अपराध नहीं होते. पहले पीएमटी राज्यों के हाथों में था, इतनी बड़ी गलती नहीं होती थी. इसके पेपर को लीक होने से रोकना बहुत मुश्किल होगी. पहले की तरह राज्यों को परीक्षा का अधिकार दिया जाए. पहले 15 परसेंट सीटें सेंटर के पास होता था, जो परीक्षा सीबीएसई कराती थी. एक जगह भर्ती हुई, एक लड़के ने पहले से टॉयलेट में अपना फोन पेपर में लपेटकर रख दिया था. पुलिस कॉन्सटेबल ने देखा, शक हुआ और पकड़ लिया गया. अगर वह पहुंच जाता तो लीक होता या नहीं होता, शक हो जाता. जब से ऑब्जेक्टिव कर दिया है आपने, 50 परसेंट मार्क्स तो आ ही जाएंगे. राज्यों को दीजिए परीक्षा कराने का अधिकार. एनटीए में स्वीकृत पद हैं 37, रिक्त पद हैं 15 और संविदा पर हैं 73. संविदा वाले कभी भी हट सकते हैं. अभी बृजलाल को सुना. कांग्रेस के जमाने से अब तक यूपी के कुछ लोग केवल मुलायम सिंह या सपा का विरोध करके दिल्ली में राजनीति करते रहे. पहले कांग्रेस के जमाने में थे, अब बीजेपी में भी हैं. यूपी में एक बार एक मंत्री को गिरफ्तार करने की जानकारी एक पुलिस अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दे रहे थे. मायावती ने कहा कि ये तो हमारी पार्टी का है. उस अधिकारी की शकल बृजलाल से मिलती थी. रामगोपाल ने कहा कि हथकड़ी लगाकर छात्रों को जाने का कानून लाने वाले राजनाथ सिंह को छात्रों ने चुनाव हरा दिया. अभी भी समझ जाइए. परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राज्यों को दीजिए और 15 परसेंट सीटें अपने पास रखिए.
जेडीयू के सांसद संजय झा ने कहा कि खड़गे कह रहे थे संजीव मुखिया का. उस पर इतने मुकदमे हैं कि वह बाहर नहीं आ पाएगा. वह बक्सर सेंट्रल जेल में बंद है. वह बाहर नहीं आ पाएगा. इसी केस में वह छूट गया, लेकिन नहीं निकल पाएगा. छात्रों की बात सही थी, भावनाएं सही थीं, लेकिन यह भी जांच होनी चाहिए कि कौन लोग इस आंदोलन में घुसे थे.
तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद एआईएडीएमके सांसद थंबीदुरई ने पेपर लीक में कोचिंग सेंटर संचालकों की संलिप्तता के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि पहले इनको गिराना चाहिए. थंबीदुरई ने धर्मेंद्र प्रधान के लिए भी माफिया शब्द का उपयोग किया, जिस पर सत्तापक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. चेयर से उपसभापति हरिवंश ने कहा कि यह रिकॉर्ड में नहीं जाएगा.
सागरिका घोष ने कहा कि इनके बच्चे तो देश में पढ़ते ही हीं हैं सर. बच्चे सैकड़ों किलोमीटर दूर पढ़ने जाते हैं. परीक्षा का रद्द होना पढ़ने का अवसर नहीं, सरकार की विफलता है. 21 छात्रों ने सुसाइड कर लिया, एक बच्ची ने नोट छोड़ा- सॉरी मम्मी, सॉरी पापा. मुझमें फिर से नीट देने की हिम्मत नहीं है. प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला है. वे मन की बात में व्यस्त हैं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ. बिहार एके-47 और असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल हुआ. दिल्ली पुलिस के डीसीपी गृह मंत्री को रिपोर्ट करते हैं. गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देना चाहिए. प्रधानमंत्री ने खुद कोई परीक्षा नहीं दी, वह एग्जाम वॉरियर बना रहे. प्रोटेस्ट राष्ट्रविरोधी नहीं होते. शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है. बच्चे क्यों कहें सॉरी. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आकर कहें सॉरी. लोकतंत्र में जनता की बात होती है.
वंदे मातरम् बिल राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पास हो गया है. हंगामे के बीच यह बिल लोकसभा से पारित कर दिया गया और इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. डीएमके ने लोकसभा में इस बिल का विरोध किया. बगैर चर्चा के हंगामे के बीच यह बिल पारित हुआ. राज्यसभा से यह पहले ही पारित हो गया था.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि ओबीसी-एससी और एसटी आगे न आएं, इसके लिए भर्तियां नहीं करते. उन्होंने चार मांगें भी सामने रखीं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस समस्या को तभी सुलझाया जा सकेगा और लोग स्वीकार करेंगे, जब अमित शाह इस्तीफा देंगे. खड़गे ने मांग की है कि एक फिक्स वार्षिक परीक्षा कैलेंडर होना चाहिए. गड़बड़ियों की जांच हाई पावर स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराएं. अमित शाह इस्तीफा दें.
राज्यसभा में जोरदार हंगामा हो रहा है. मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने माफी मांगने की मांग करते हुए गुंडागर्दी नहीं चलेगी के नारे लगाए. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है. मनु स्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें. इस पर प्रकाश डालने के लिए सुधांशु त्रिवेदी एक मिनट बोलें. सुधांशु त्रिवेदी ने बोलना शुरू ही किया था कि सभापति ने उनको टोका. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के एक पूर्व जज विलियम जोंस के साथ ही बाबासाहब डॉक्टर आंबेडकर की किताब को कोट किया और कई किताबों का संदर्भ दिया और कहा कि इसीलिए कह रहा हूं कि ये ऑथेंटिकेट करें. प्रमोद तिवारी ने एक किताब दिखाते हुए कहा कि यह किताब इनके कार्यकाल में छपी है, चल रही है, प्रतिबंधित नहीं है. अगर ये कह रहे हैं, दिखा रहे हैं, तो गलती इनकी है. 12 साल से इनकी सरकार है. जेपी नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए. नड्डा ने कहा कि ऐसे बयानों से अशांति फैलती है. इस पर सभापति ने खड़गे की ओर से मनुस्मृति वाला बयान एक्सपंज करने का ऐलान कर दिया.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कुछ वर्षों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई. सरकार क्या कर रही थी. क्या एजेंसियां सो रही थीं. शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं है. शैक्षणिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा है. बजट में छह फीसदी भागीदारी शिक्षा बजट की होनी चाहिए, लेकिन तीन फीसदी से भी कम है. आपका कहना है कि विश्वविद्यालयों में अच्छे शिक्षक, अच्छे वीसी आएं. लेकिन आप जो सिलेबस बदल रहे हैं, उसमें ये भी आ रहा है- शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते से उसके कान भर दिए जाए. वेद मंत्र का उच्चारण करने पर उसकी जीभ काट ली जाए. ये आरएसएस सिलेबस है. ऐसे विचारों की निंदा करता हूं. ऐसी सामग्री को सिलेबस से हटाया जाए. यूनिवर्सिटी में आरएसएस के लोग भरे जा रहे हैं. यूपीए सरकार ने सबको समान शिक्षा के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया. राज्यसभा में जोरदार हंगामा हो रहा है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जब बोल रहे थे, सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनसे पूछा कि आपको और कितना समय चाहिए, बता दीजिए. उन्होंने कहा कि समय पूरा हो गया है, इसलिए पूछ रहा हूं. इस पर खड़गे ने कहा कि आप जितना दे दें. इस पर सदन में ठहाके लगे. इसके बाद खड़गे ने अपनी बात जारी रखी और पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 20 जुलाई की घटना के बाद इनको नींद नहीं आ रही थी. रात के 12 बजे वीडियो बनाया. इनको तो मन की बात करने की, पहले की सरकारों को गालियां देने की आदत है. बेचैन हुए, तो वीडियो बनाकर बोले- थैंक्यू फ्रेंड्स. नए नए शब्द बोल रहे थे. लाठीचार्ज करने, आंसू गैस छोड़ने और पैलेट गन का इस्तेमाल करने के लिए आदेश कौन दिया. स्टेटमेंट देना चाहिए था, लेकिन आपने नहीं दिया. देश इन सवालों के जवाब चाहता है. इस्तीफा देने के बाद जिस तरह से संसद में मंत्री का स्वागत हुआ, लगा वह करगिल का युद्ध जीतकर आए हों. यह बताता है कि आप नाकामियों का उत्सव मना रहे हैं. उनको तो पश्चाताप होना चाहिए था. इसकी बजाय मुकुट पहनाया गया. उन्होंने पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 15 दिन पहले पेपर बाजार में आ गया था. क्या आपके पास इंटेलिजेंस नहीं है. आपके पास तो डबल-डबल इंजन हैं. इन सवालों के जवाब आपके पास नहीं हैं. हर बार मोदी की गारंटी फेल होती गई. हर बार बोलते गए कि इस बार नहीं होगा, कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, देख लूंगा. कहां है कड़ी से कड़ी सजा. कड़ी तो टूट गई, सजा किसको मिली. 2024 के पेपर लीक के मुख्य आरोपी को क्लीनचिट मिल गई है. संजीव मुखिया. क्या किया उसको. डिमोनेटाइजेशन में विफल हो जाऊंगा तो चौराहे पर लटका देना. क्या किया. जो आदमी किया, आपको मिला है. आपके हाथ में है, क्लीनचिट दे रहे हो. आपका अचीवमेंट जीरो है. दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सीबीआई समय पर पेश तक नहीं हुई.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हजारों छात्रों ने संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च किया. वे संवाद चाह रहे थे. उनको मिला लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन, रेलवे स्टेशन बंद, इंटरनेट बंद. इससे छात्र उचक गए. आप शांति से उनको संभाल नहीं सके. कई छात्र घायल हो गए. कई बच्चों को आंखों में छर्रे लगे. ये देखकर हमको शर्म आई, उनको आया कि नहीं मुझे मालूम नहीं. मेरे विद्यार्थी जो गांव-गांव से आए, उनको पैलेट गन का इस्तेमाल करके मार रहे हैं. उनके हाथ-पैर टूटे. इसका जिम्मेदार कौन है. होम मिनिस्टर है. बंद कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते. एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे और जनता के सामने दिखाएंगे कि क्या है. इस पर ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे की स्पीच में असंसदीय शब्द के इस्तेमाल का दावा करते हुए चेयरमैन से इसे एक्सपंज करने की मांग की. खड़गे ने कहा कि हमने किसी असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है. हम मतलब जनता. सरकार को 20 जुलाई की घटना के बाद देश की जनता के सामने सफाई रखनी चाहिए थी. उनको इस्तीफा दे देना चाहिए. अगर नहीं देते, तो प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि दो महीने से जो हालात बने है, देश में छात्र सड़कों पर आए और प्रधानमंत्री को प्रधान को हटाना पड़ा. युवाओं की ताकत के आगे झुकना पड़ा. अपनी कुर्सी जाने के डर से युवाओं की डिमांड माननी पड़ी. राहुल गांधी उनके आवास के बाहर पहुंच गए, तब उनको लगा कि अब इस बात को बढ़ाना ठीक नहीं है. अपनी कुर्सी बचाने के लिए डर से उनको धर्मेंद्र प्रधान को हटाना पड़ा. छात्र जब महीनों से धरने पर बैठे थे, तब आप क्यों नहीं उनकी बात सुनी. जब वह धरने पर बैठे थे, उसके दो दिन बाद ही नड्डा साहब जाते तो छात्र लाठी नहीं खाते. ये सब नहीं भुगतना पड़ता. अमित शाह साहब दिख ही नहीं रहे. छोटी-छोटी बातों पर आकर अपनी बात रखते हैं, इस तरफ क्यों नहीं आते, मुझे मालूम नहीं. प्रधानमंत्री भी मुंह नहीं खोल रहे. आप गृह मंत्री हो, कानून-व्यवस्था देखते हो, दिल्ली में इतनी गड़बड़ी पर भी मुंह नहीं खोल रहे हो. क्या स्टिच लगा लिया है क्या मुंह पर. नहीं, मैं नहीं आऊंगा. आपको जो सबक सिखाया है छात्रों ने, वह फिर आकर सबक सिखा देंगे.
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की शुरुआत हो गई है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'पेपर चुराने वाले बचते रहे...' शायरी के साथ चर्चा की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि हमने 2024 में ही मजबूत कानून की मांग की थी. तब आपने हमारी मांग नहीं मानी. तब आप जल्दीबाजी में बिल लेकर आए थे. चुनाव सामने थे. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर थे. तब क्रेडिट नहीं मिल पाता. हम इस संशोधन बिल का स्वागत करते हैं, लेकिन इसमें भी आपका इंटेंशन नहीं है. ये जो माहौल चल रहा है, उसको ठंडा करने के लिए ये बिल लाया गया है. इसमें समस्या को सुलझाने की मंशा नहीं है. यह बिल अभी भी अधूरा है.
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की शुरुआत से पहले कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने एक मांग की. उन्होंने कहा कि नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष के पद संवैधानिक होते हैं और इनको स्पेशल टाइम दिया जाना चाहिए. हमारा आग्रह है कि विपक्ष के नेता को स्पेशल टाइम दिया जाए और उसे कांग्रेस के कोटे में न गिना जाए. इस पर किरेन रिजिजू ने कहा नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष जब पार्टी की ओर से बात रखते हैं, तब वह समय पार्टी के कोटे में काउंट होता है. बाकी कुछ प्रिविलेज हैं, जो मिलते हैं. इसके बाद सभापति ने एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा शुरू करने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम ले लिया.
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पेश कर दिया है. यह बिल पेश करते हुए जितेंद्र सिंह कांग्रेस और यूपीए सरकार के साथ ही राज्यों में विपक्षी दलों की सरकार के समय हुए पेपल लीक के मामले गिनाए. इस पर विपक्षी दलों के सांसदों ने कुछ-कुछ टिप्पणी शुरू कर दी. चेयर से सभापति सीपी राधाकृष्णन ने टिप्पणी कर रहे सदस्यों को बार-बार टोका. सभापति ने कहा- नो रनिंग कमेंट्री प्लीज. जितेंद्र सिंह ने इस पर कहा कि सुई सही जगह चुभी है.
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ ही कांग्रेस की ओर से मुकुल वासनिक बोलेंगे. समाजवादी पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी की ओर से संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस की ओर से सागरिका घोष या राजीव कुमार बोलेंगे. विपक्ष की रणनीति है कि इस बिल पर चर्चा के दौरान कम से कम हंगामा हो. अपने भाषण में विपक्षी वक्ता लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की भी मांग करेंगे.
एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में सात घंटे चर्चा होगी. सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को इस बात की जानकारी दी और कहा कि चर्चा के लिए समय और बढ़ाया भी जा सकता है. लोकसभा में इस बिल पर 10 घंटे चर्चा हुई थी.
एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पेश हो गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने यह बिल पेश कर दिया है. उन्होंने बिल पेश करते हुए कांग्रेस की सरकार के समय हुए पेपर लीक के साथ ही विपक्षी दलों की सरकार के समय राज्यों में हुए पेपर लीक के मामले भी गिनाए. इस दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया.
एंटी पेपर लीक बिल आज राज्यसभा में दो बजे पेश होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह भोजनावकाश के बाद एंटी पेपर लीक बिल पेश करेंगे. इसके बाद उच्च सदन में आज ही इस बिल पर चर्चा शुरू हो सकती है. नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के हंगामे पर कहा भी है कि जितेंद्र सिंह दो बजे एंटी पेपर लीक बिल पेश करेंगे.
संसद में गतिरोध जारी है. लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण शुरू होते ही दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने अमित शाह के बयान की मांग करते हुए नारेबाजी की और फिर वॉकआउट कर दिया. दोनों सदनों में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग की. लोकसभा में सदन के उपनेता राजनाथ सिंह, राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उद्योग वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ ही अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे.
(इनपुट- पीयूष मिश्रा)
राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित हो गई है. राज्यसभा में भोजनावकाश हो गया है. प्रश्नकाल के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले में छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर प्रदर्शन किया. राहुल गांधी ने न्याय की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र समिति बनाने की बात कही. प्रियंका गांधी वाड्रा, धर्मेंद्र यादव, सागरिका घोष और महुआ माजी सहित कई सांसद मकर द्वार पर जुटे और नारेबाजी की.
राज्यसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी में भी कार्यवाही जारी है. उच्च सदन में अब प्रश्नकाल चल रहा है.
संसद के मकर द्वार पर गुरुवार सुबह इंडिया गठबंधन के सांसदों ने प्रदर्शन किया. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर भी सपा सांसदों ने सरकार से जवाब मांगा. दान पात्र लेकर संसद पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए "चंदा चोरी" के आरोपों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की. सपा सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी भी की और सरकार से जवाब मांगा.
पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए मोदी सरकार नया विधेयक लेकर आई है. लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक विधेयक पास हो गया और अब बारी राज्यसभा की है. मोदी सरकार क्या लोकसभा की तरह ही राज्यसभा से भी बिल पास करा लेगी, उच्च सदन में का नंबर गेम क्या है?
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कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता राज्यसभा से वॉकआउट कर गए हैं. विपक्षी दलों के सदस्य प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर अमित शाह के बयान की मांग करते हुए हंगामा किया. विपक्ष के वॉकआउट करने के बाद जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार की निंदा की और कहा कि विपक्ष को हर चर्चा मे हार मिली है. इनको गोल पोस्ट चेंज करने की आदत है. इस पर बिल आज सदन में आने वाला है. जितेंद्र सिंह बिल पेश करने वाले हैं. इस बिल पर आज दो बजे से चर्चा होगी. सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है.
एंटी पेपर लीक बिल एक दिन पहले लोकसभा से पारित हो गया था. आज यह बिल राज्यसभा में आएगा. लोकसभा में यह बिल प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने पेश किया था. इस पर दो दिन चली मैराथन चर्चा का विपक्ष के हंगामे के बीच जितेंद्र सिंह ने ही जवाब दिया था. इसके बाद ध्वनिमत से यह बिल पारित हो गया था.
राज्यसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही जारी है. विपक्षी दलों के सदस्य वेल में आकर दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं. विपक्षी सदस्य 'अमित शाह सदन में आओ....', 'पैलेट गन पर जवाब दो, जवाब दो जवाब दो', 'चंदा चोर जवाब दो, जवाब दो', 'अमित शाह हाय हाय' के नारे लगा रहे हैं. विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच कार्यवाही जारी है.
(इनपुट- अमित भारद्वाज)
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित हो गई है. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम लेकर बधाई दी और इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.