कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. यह दावा बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान किया. उन्होंने कहा कि देश का हर बड़ा जनआंदोलन नए राजनीतिक नेताओं को जन्म देता है. साथ ही आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन से जुड़े लोगों का एजेंडा साफ है.
एजेंसी के मुताबिक, निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस तरह जेपी आंदोलन से लालू प्रसाद यादव जैसे नेता निकले और अन्ना हजारे के आंदोलन से अरविंद केजरीवाल राजनीति में आए, उसी तरह अभिजीत दिपके भी भविष्य में चुनाव लड़ सकते हैं. उन्होंने नेपाल के Gen Z आंदोलन का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां भी आंदोलन से जुड़े लोग बाद में राजनीतिक दलों में शामिल हो गए. निशिकांत ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि दिपके भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.
प्रदर्शन में शामिल लोगों पर लगाया आरोप
दुबे ने 'चलो संसद' मार्च को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक थे. साथ ही आरोप लगाया कि उनमें नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े कुछ लोग भी शामिल थे. उनके मुताबिक, इस आंदोलन के पीछे राजनीतिक मकसद भी है.
युवाओं और विपक्ष पर क्या बोले?
निशिकांत दुबे ने कहा कि इस आंदोलन से जुड़े युवा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता चाहते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का भरोसा आज भी प्रधानमंत्री पर है. वहीं, अरविंद केजरीवाल के बयान पर सवाल पूछे जाने पर निशिकांत दुबे ने कहा कि हर टिप्पणी का जवाब देना जरूरी नहीं होता. उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भी केजरीवाल पर निशाना साधा. इसके अलावा, राहुल गांधी के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की बात कही गई थी. दुबे ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल की घटनाओं पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने आपातकाल और अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया.
अभिजीत दिपके के नेतृत्व में CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था. 28 जून को सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने के बाद इस आंदोलन को और गति मिली. सोमवार को 'चलो संसद' मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
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