NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने इस मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी कर ली है और जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत जुटा लिए गए हैं.
सीबीआई ने इस मामले में जिन 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, वे सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका से जुड़े अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए गए हैं. इन्हीं के आधार पर अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो जाएगा.
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इस बीच केंद्र सरकार भी मामले में तेजी से कार्रवाई के लिए मिशन मोड में काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा के बाद सरकार ने NEET पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
पेपर लीक मामले की जांच के लिए राज्यों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा. यह कानून 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है और इसमें सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. चूंकि NEET का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) करती है, इसलिए यह परीक्षा भी इसी कानून के दायरे में आती है.
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NEET पेपर लीक में दर्ज हैं चार FIR
सरकार संबंधित राज्यों और हाई कोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का अनुरोध करेगी, ताकि मामलों की रोजाना सुनवाई हो सके और फैसला जल्द आए. सूत्रों के अनुसार, इस कानून के तहत NEET पेपर लीक मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
अरविंद ओझा