208 दिन बाद दो दिन के लिए खुला श्री बांके बिहारी मंदिर, फिर अनिश्चित काल के लिए बंद!

नवरात्रों की शुरुआत में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही दर्शनों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन लोगों को समुचित जानकारी नहीं होने की वजह से गड़बड़ी शुरू हो गई हुई और बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे. इससे मंदिर के आसपास जबरदस्त भीड़ हो गई.

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श्री बांके बिहारी मंदिर फिर से अनिश्चित काल के लिए बंद श्री बांके बिहारी मंदिर फिर से अनिश्चित काल के लिए बंद

संजय शर्मा

  • मथुरा,
  • 18 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST
  • शनिवार को ही लोगों के लिए खुला था मंदिर
  • बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से हुई अव्यवस्था
  • नई व्यवस्था बनने के बाद ही खुलेगा मंदिर

दो दिन दर्शन देने के बाद ठाकुर बांके बिहारी अगले आदेश तक फिर अपने चाहने वालों से दूर रहेंगे. मथुरा जिला प्रशासन ने ऑनलाइन पोर्टल पर बेइंतहा बोझ बढ़ने और तकनीकी दिक्कत की वजह से मंदिर को अनिश्चित काल के लिए बंद रखने का फैसला किया है. मंदिर कल सोमवार से अनिश्चित काल के लिए बंद हो जाएगा.

प्रशासन का कहना है कि अब तो मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए तभी खुलेंगे जब सारी व्यवस्था सुचारू हो जाएंगी. पोर्टल में जरूरी तब्दीलियां और नए प्रावधान जोड़ने के बाद मंदिर में दर्शनों के लिए प्रवेश सुचारू हो जाएगा. तब भीड़ बढ़ने का, कोरोना प्रोटोकॉल टूटने का और संक्रमण फैलने का कोई खतरा नहीं होगा.

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मंदिर की ओर से जारी सूचना

नवरात्रों की शुरुआत में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही दर्शनों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन लोगों को समुचित जानकारी नहीं होने की वजह से गड़बड़ी शुरू हो गई हुई और बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे. इससे मंदिर के आसपास जबरदस्त भीड़ हो गई.

श्री बांके बिहारी मंदिर

वृंदावन की तंग गलियों में कई किलोमीटरों तक लंबी कतार लग गई. कोरोना प्रबंधन को लेकर भी सबको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भी नाकों चने चबाने पड़ गए. बांके बिहारी मंदिर को कल शनिवार को खोला गया था, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अधिक लोड बढ़ने और तकनीकी खामियों से बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए.

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अमूमन दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की आमद कम होती है, लेकिन करीब सात महीने यानी 208 दिन बंद रहने के बाद दर्शन दो दिनों के लिए खुले जिसे अब बंद कर दिया गया है. हालांकि अब लगता है मंदिर के नए फर्श के साथ नया पोर्टल भी होगा. ज्यादा मजबूत, ज्यादा सख्त, भक्तों का ज्यादा बोझ बर्दाश्त करने वाला.

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