ईरानी विदेश मंत्री इसी हफ्ते आएंगे भारत, होर्मुज सेफ पैसेज पर होगी बात

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अब कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. ईरानी विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराघची इस हफ्ते दिल्ली में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. बैठक में मिडिल ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बड़ा मुद्दा रहेगा, क्योंकि ईरान की नाकेबंदी और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई से भारत समेत कई देशों की तेल-गैस सप्लाई पर असर पड़ा है.

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BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठक 14-15 मई को हो सकती है (फाइल फोटो) BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठक 14-15 मई को हो सकती है (फाइल फोटो)

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 11 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

ईरान-अमेरिका जंग के बीच नया अपडेट सामने आया है. ईरान के विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराघची इसी हफ्ते भारत आएंगे. अराघची यहां BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठकों में हिस्सा लेंगे. ये मीटिंग दिल्ली में होनी है.

जानकारी के मुताबिक, इस मीटिंग से इतर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर भी चर्चा होगी. पिछले कुछ हफ्तों से भारत को अपने जहाजों के लिए स्ट्रेट में आवागमन करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इस मुद्दे पर द्विपक्षीय वार्ता से अब तक कोई समाधान नहीं निकला है.

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BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठक 14-15 मई को हो सकती है. इसमें मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा भी होगी. पहले ईरान की तरफ से कौन आएगा इसपर संशय था, जो कि अब दूर हो गया है.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का आना कंफर्म है. लेकिन चीनी समकक्ष वांग यी के भाग न लेने की संभावना है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप उन्हीं दिनों में चीन जाएंगे. वहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मीटिंग है. ऐसे में चीनी विदेश मंत्री वहीं मौजूद रहेंगे. दरअसल, BRICS मीटिंग और ट्रंप-जिनपिंग शिखर सम्मेलन की तारीखें आपस में क्लैश कर रही हैं.

बता दें कि ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच ताजा तनाव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था. अमेरिका का कहना है कि ईरान परमाणु बम और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बना रहा था, जिससे दूसरे देशों को खतरा है. इसलिए उसने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर अटैक किया था. बदले में ईरान ने खाड़ी देश जैसे सऊदी अरब, UAE, कतर और ओमान पर हवाई हमले किए थे. ईरान का तर्क है कि उसने वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था.

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इसके बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल कर लिया. इससे भारत समेत कई देशों पर गैस-तेल संकट के बादल मंडराने लगे. बाद में अमेरिका ने गल्फ ऑफ ओमान के पास नाकाबंदी करके ईरान की नाकाबंदी को काउंटर करने की कोशिश की थी. फिलहाल दोनों के बीच शांति प्रस्ताव को लेकर बातचीत जारी है.

बता दें कि BRICS 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का ग्रुप है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE और इंडोनेशिया शामिल हैं.

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