पहले मिजोरम में 6 यूक्रेनी और अब नेपाल बॉर्डर पर अमेरिकी गिरफ्तार, क्या बड़े खतरे का संकेत?

भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं. पहले मिजोरम में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था. वहीं अब एक और अमेरिकी की गिरफ्तारी ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

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सीमा से विदेशियों की गिरफ्तारियों ने चिंता बढ़ा दी है. (Photo- ITG) सीमा से विदेशियों की गिरफ्तारियों ने चिंता बढ़ा दी है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST

भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. पहले देश के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी की गिरफ्तारी हुई थी, तो वहीं अब उत्तर प्रदेश में नेपाल बॉर्डर के पास एक अमेरिकी नागरिक को पकड़ा गया है.

ऐसे में सवाल ये है कि क्या इन विदेशियों का पकड़ा जाना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी बड़े खतरे का संकेत दे है?

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उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में बॉर्डर पर पकड़ा गया अमेरिकी नागरिक बिना किसी वैध दस्तावेज के मिला. भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने उसे हिरासत में लिया है.

पकड़े गए व्यक्ति की पहचान कैलिफोर्निया के रहने वाले जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है. वो सोनौली बॉर्डर के पास बिना किसी पासपोर्ट, वीजा या लीगल डॉक्यूमेंट के अवैध रूप से नेपाल में घुसने की कोशिश कर रहा था.

थाईलैंड और श्रीलंका के रास्ते भारत में एंट्री

पूछताछ के दौरान अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन ने दावा किया कि वो टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, जहां उसका पासपोर्ट गुम हो गया. इसके बाद वो श्रीलंका गया और नवंबर 2025 में समुद्री रास्ते से भारत में आ गया. वो तब से अब तक गोवा में छिपकर रह रहा था.

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मिजोरम में पकड़ा गया था 'विदेशी उग्रवादी' नेटवर्क

वहीं, कुछ महीने पहले (13 मार्च 2026) मिजोरम में 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था. ये सातों विदेशी भारत-म्यांमार सीमा को अवैध रूप से पार करने की कोशिश कर रहे थे.

इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दावा किया था इन छह यूक्रेनियों के साथ एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक भी शामिल था. ये सातों आरोपी भारत के उग्रवादी संगठनों और म्यांमार के जातीय सशस्त्र विद्रोही समूहों को हथियार, सैन्य उपकरण और एडवांस ट्रेनिंग मुहैया करा रहे थे.

NIA की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि ये विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे. इसके बाद ये मिजोरम के प्रतिबंधित इलाकों से होकर म्यांमार पहुंचे. वहां इन्होंने विद्रोही समूहों को 'ड्रोन युद्ध' की ट्रेनिंग दी और यूरोप से ड्रोन की खेप म्यांमार पहुंचाकर भारत में उग्रवाद को बढ़ावा देने की साजिश रची. 

जांच एजेंसी ने इन सभी सातों विदेशियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था.

यह भी पढ़ें: यूपी में भारत-नेपाल बॉर्डर से अरेस्ट अमेरिकी स्पेशल सर्विस का कमांडो? सस्पेंस गहराया

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती

चाहे म्यांमार बॉर्डर पर ड्रोन ट्रेनिंग देने वाले यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिक हों, या फिर नेपाल बॉर्डर पर समंदर के रास्ते छिपकर पहुंचा ये नया अमेरिकी नागरिक- इन दोनों घटनाओं के तार भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं. ऐसे में सीमाओं पर सुरक्षा और कड़ी करने की जरूरत है.

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