ज्ञानवापी मामले में अब 5 सितंबर को अगली सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने इस याचिका पर उठाए सवाल!

सुनवाई के दौरान प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष नंबर 4 की तरफ से एक महत्वपूर्ण प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश करके यह डिमांड की गई कि यह मुकदमा कहीं से भी मेंटेनेबल यानी पोषणीय नहीं है. इसलिए इस मामले को खारिज कर दिया जाए.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 17 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:01 AM IST

ज्ञानवापी से जुड़े एक मामले में अब अगली सुनवाई के लिए 5 सितंबर 2022 की तारीख तय की गई है. दरअसल, ज्ञानवापी मस्जिद हिंदुओं को सौंपने, मुस्लिम पक्ष के प्रवेश पर रोक लगाने और एडवोकेट कमीशन सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग आकृति आदिविशेश्वर की तत्काल प्रभाव से प्रतिदिन पूजा अर्चना प्रारंभ कराने की मांग को लेकर वाराणसी सिविल कोर्ट में मई 2022 माह याचिका दाखिल की गई थी. इस याचिका पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 5 सितम्बर की तारीख तय की है. 

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मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष नंबर 4 की तरफ से एक महत्वपूर्ण प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश करके यह डिमांड की गई कि यह मुकदमा कहीं से भी मेंटेनेबल यानी पोषणीय नहीं है. इसलिए इस मामले को खारिज कर दिया जाए. 

इस पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रार्थना पत्र लेते हुए सुनवाई की अगली तारीख 5 सितंबर को तय की है, जिसमें हिंदू पक्ष की ओर से वकील कोर्ट की ओर से मिली अगली तिथि पर अपना पक्ष रखेंगे और मामले को पोषणीय बताते हुए दलील पेश करेंगे.

यह मामला ज्ञानवापी मस्जिद और श्रृंगार गौरी वाले मूल मामले से अलग है. यह मुकदमा 2022 मई में ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर सुनवाई को लेकर फास्ट ट्रेक कोर्ट पहुंचा था. भगवान आदि विशेश्वर विराजमान (श्रीमती किरन सिंह विसेन) और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य मुकदमा नंबर 712/2022 की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है.

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मंगलवार की सुनवाई भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान की नियमित पूजा अर्चना को लेकर होनी थी. लेकिन सुनवाई के पहले ही मुस्लिम पक्ष की तरफ से ऑर्डर 7 रूल 11 यानी केस की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र देते हुए केस को खारिज करने की मांग की गई है.

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