सेना के बाद रणनीतिक थिंक टैंक में नई जिम्मेदारी, पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान बने VIF डायरेक्टर

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान को दिल्ली के प्रमुख रणनीतिक थिंक-टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन का नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. वे 5 अक्टूबर को इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे.

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5 अक्टूबर से नई जिम्मेदारी संभालेंगे पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान(Photo: ITG) 5 अक्टूबर से नई जिम्मेदारी संभालेंगे पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान(Photo: ITG)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:44 AM IST

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान को दिल्ली के प्रमुख रणनीतिक थिंक-टैंक में से एक, विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. वे 5 अक्टूबर को पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहरकार अरविंद गुप्ता से यह जिम्मेदारी संभालेंगे. 

जनरल चौहान ने तीन साल से ज्यादा समय तक CDS के रूप में सेवा दी थी. वे इसी साल 30 मई को रिटायर हुए थे. सितंबर 2022 को उन्हें देश का दूसरा CDS नियुक्त किया गया था. 

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विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन (VIF) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन एस. गुरुमूर्ति हैं. कमेटी में पूर्व राजदूत सतीश चंद्र, पूर्व आर्मी चीफ जनरल एन.सी. विज, पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल, R&AW के पूर्व चीफ सी.डी. सहाय और लेफ्टिनेंट जनरल आ.के. साहनी भी शामिल हैं. NSA अजीत डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन (VIF) के संस्थापक डायरेक्टर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: टेक्नोलॉजी से राष्ट्रीय सुरक्षा तक... IIT रुड़की में लेफ्टिनेंट जनरल ने छात्रों को दिया 'DHARA' का मंत्र

जनरल अनिल चौहान नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पूर्व छात्र हैं. उन्हें 1981 में 11 गोरखा राइफ़ल्स में कमीशन मिला था. उन्होंने सेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. मेजर जनरल के पद पर रहते हुए उन्होंने बारामूला सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीज़न की कमान संभाली. बाद में उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट में एक कोर की कमान संभाली और सितंबर 2019 में से मई 2021 में रिटायरमेंट तक ईस्टर्न कमांड के GOC-in-C रहे.

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VIF रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए जाना जाता है. यह नियमित रूप से 'विमर्श' (VIMARSH) डायलॉग सीरीज़ का भी आयोजन करता है. जनरल चौहान खुद हाल के महीनों में VIF के कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं और उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और उसके बाद के हालात पर अपनी बात रखी है. 

फ़ाउंडेशन का कहना है कि वह भारत के नजरिए को पेश करने और दूसरे देशों के विचारों और सोच को समझने के लिए नई दिल्ली में डिप्लोमैटिक कम्युनिटी के साथ बातचीत करता है, ताकि भारत के राजनीतिक, रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक हितों को आगे बढ़ाया जा सके.

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