चुनाव आयोग ने भेजा आम आदमी पार्टी को नोटिस, ठोस जवाब देने के लिए तैयारियां शुरू

बीजेपी की शिकायत पर आम आदमी पार्टी को निर्वाचन आयोग ने मंगलवार शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बीजेपी ने निर्वाचन आयोग से आम आदमी पार्टी की शिकायत करते हुए कहा कि आप ने प्रधानमंत्री और बीजेपी के स्टार प्रचारक पर जानबूझ कर आपत्ति जनक टिप्पणियां की हैं.

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दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 15 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को  कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बीजेपी की शिकायत पर उन्हें यह नोटिस भेजा गया है. कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने की वजह से उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है. इसके लिए गुरुवार शाम सात बजे तक समय दिया गया है. अब पार्टी में आयोग के नोटिस देने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. आम आदमी पार्टी ने अपने कानूनी सलाहकारों से जवाब के मुख्य बिंदुओं और दलीलों पर चर्चा शुरू कर दी है, ताकि इस नोटिस का कानूनी आधार पर ऐसा सटीक जवाब दिया जा सके जिससे भविष्य में कोई परेशानी भी न हो.

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बीजेपी की शिकायत पर भेजा गया नोटिस!
बीजेपी की शिकायत पर आम आदमी पार्टी को निर्वाचन आयोग ने मंगलवार शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बीजेपी ने निर्वाचन आयोग से आम आदमी पार्टी की शिकायत करते हुए कहा कि आप ने प्रधानमंत्री और बीजेपी के स्टार प्रचारक पर जानबूझ कर आपत्ति जनक टिप्पणियां की हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जो लिखा है वो कतई उचित और नैतिक काम नहीं है. आप के संयोजक के नाम भेजे नोटिस में निर्वाचन आयोग ने 16 नवंबर यानी गुरुवार शाम सात बजे तक जवाब दाखिल करने को कहा है.

बीजेपी ने दो पोस्ट पर जताई आपत्ति
बीजेपी ने अपनी शिकायत में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मौजूद अकाउंट से किए गए दो पोस्ट पर आपत्ति जताई है. बीजेपी का इल्जाम है कि उन पोस्ट में जो काल्पनिक और आपत्ति जनक चित्रण किया गया है , वह सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी को इंगित करता है. ये पीएम की छवि धूमिल करने की कोशिश है. चुनाव के दौरान आम जनता को ऐसे गुमराह करने वाले पोस्ट डालकर सीधे-सीधे भारतीय जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (4) का उल्लंघन किया जा रहा है. 

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इन धाराओं के उल्लंघन का आरोप
ये धारा किसी भी नेता पर व्यक्तिगत आक्षेप करने से रोकती है. इसके अलावा ये कृत्य भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 G, 499 और 501 के अलावा आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन है. आयोग के सीनियर प्रिंसिपल सेक्रेटरी नरेंद्र एन बुटोलिया की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है की तय समय सीमा में जवाब न मिलने पर आयोग समुचित कार्रवाई करेगा. आयोग मान लेगा कि आप के पास कहने को कुछ नहीं है.
 

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