दिल्ली पुलिस को मिली कांग्रेस नेता अरुण रेड्डी की रिमांड, अमित शाह का डीपफेक वीडियो बनाने का है आरोप

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डीप फेक वीडियो मामले में में सात से आठ राज्यों में 16 लोगों को समन जारी किया था. समन सीआरपीसी की धारा 91 और 160 के तहत जारी किया गया था, जिसमें संबंधित व्यक्तियों को जांच में शामिल होने और सबूत के रूप में प्रासंगिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रदान करने के लिए कहा गया था.

Advertisement
अमित शाह के डीपफेक वीडियो मामले में अरुण रेड्डी तीन दिन की पुलिस हिरासत में. (Photo: X) अमित शाह के डीपफेक वीडियो मामले में अरुण रेड्डी तीन दिन की पुलिस हिरासत में. (Photo: X)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2024,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का डीप फेक वीडियो सर्कुलेट करने के आरोप में गिरफ्तार कांग्रेस नेता अरुण रेड्डी को शुक्रवार देर रात अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने अरुण को तीन दिन के लिए दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट की कस्टडी में भेज दिया. रेड्डी 'स्पिरिट ऑफ कांग्रेस' (Spirit of Congress) नाम का X अकाउंट संभालते हैं और कांग्रेस आईटी सेल के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं, जिसकी चेयरपर्सन कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत हैं.

Advertisement

अरुण रेड्डी पर अपने मोबाइल से सबूत मिटाने का भी आरोप है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरुण रेड्डी की भूमिका गृहमंत्री अमित शाह का डीप फेक वीडियो बनाने, संयोजन करने और उसे अपने सोशल मीडिया ग्रुप्स के माध्यम से वायरल करने में रही है. छेड़छाड़ किए गए वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री कथित तौर पर यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि भाजपा देश में आरक्षण के खिलाफ है. 

हालांकि, कांग्रेस शासित तेलंगाना में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था, 'अगर बीजेपी यहां सरकार बनाती है, तो हम मुसलमानों को दिया गया असंवैधानिक आरक्षण वापस ले लेंगे. हम सुनिश्चित करेंगे कि संविधान के तहत एससी, एसटी और ओबीसी को गारंटी के अनुसार कोटा मिले.' कांग्रेस सांसद और तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी मनिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि अरुण रेड्डी की गिरफ्तारी केंद्र सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग है.

Advertisement

एक्स पर एक पोस्ट में मनिकम टैगोर ने लिखा, 'तेलंगाना के हमारे सहयोगी अरुण रेड्डी को दिल्ली पुलिस ने बिना किसी सूचना या एफआईआर का खुलासा किए 24 घंटे के लिए हिरासत में लिया है. हम अरुण की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं. बीजेपी द्वारा सत्ता का यह दुरुपयोग निंदनीय है.' दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डीप फेक वीडियो मामले में में सात से आठ राज्यों में 16 लोगों को समन जारी किया था. 

समन सीआरपीसी की धारा 91 और 160 के तहत जारी किया गया था, जिसमें संबंधित व्यक्तियों को जांच में शामिल होने और सबूत के रूप में प्रासंगिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रदान करने के लिए कहा गया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तलब किए गए लोगों में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी समेत तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस के छह सदस्य शामिल हैं. उन्हें, कई राज्यों के अन्य व्यक्तियों के साथ, 1 मई को दिल्ली के द्वारका में आईएफएसओ इकाई में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था.

सीआरपीसी की धारा 160 पुलिस को किसी व्यक्ति को जांच के लिए बुलाने की अनुमति देती है, जबकि धारा 91 विशिष्ट दस्तावेज या गैजेट तलाशने और सबूत के तौर पर पेश करने की अनुमति देती है. भाजपा की तेलंगाना इकाई ने सीएम और कांग्रेस के राज्य प्रमुख रेवंत रेड्डी के खिलाफ साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी थी, जिसमें पार्टी पर अमित शाह का डीप फेक वीडियो शेयर करने का आरोप लगाया गया था. शिकायत में कहा गया था कि तेलंगाना कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर अमित शाह का एक 'मॉर्फ्ड' और 'मनगढ़ंत' वीडियो पोस्ट किया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »