'क्या चंदा दो, धंधा लो योजना गड़बड़ा गई', पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के स्टाफ को हटाने पर कांग्रेस का तंज

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से चार अधिकारियों को एक साथ हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि किसी केंद्रीय मंत्री के पूरे स्टाफ को एक साथ हटाया जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा सकता और सरकार को इस कार्रवाई के पीछे की वजहों को सार्वजनिक करना चाहिए.

Advertisement
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से चार अधिकारियों को हटाए जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा. (File Photo: PTI) केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से चार अधिकारियों को हटाए जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST

कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से जुड़े चार अधिकारियों को अचानक हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए. पार्टी ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी, जिसके चलते एक साथ चार अधिकारियों को हटाने का फैसला लिया गया.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में तंज कसते हुए कहा,'केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के स्टाफ के चार सदस्यों को बर्खास्त किए जाने की खबर चौंकाने वाली है. यह किसी से छिपा नहीं है कि मोदी शासन में इस तरह की नियुक्तियां कैसे की जाती हैं. क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है? क्या यह प्रधानमंत्री की चंदा दो, धंधा लो योजना के गड़बड़ा जाने का एक मामला हो सकता है?'

Advertisement

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सरकार से अधिकारियों के खिलाफ इस कार्रवाई के पीछे की वजह सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा, 'केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव समेत चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. किसी केंद्रीय मंत्री के पूरे स्टाफ को एक साथ बदल दिया जाना कोई सामान्य बात नहीं है. आखिर वहां किस तरह की अनियमितताएं हो रही थीं? यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी सच्चाई जानने का जनता को पूरा अधिकार है.'

यह भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव की छुट्टी, दो और अधिकारियों को भी हटाया गया

दरअसल, केंद्र सरकार ने अलग-अलग आदेश जारी कर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में तैनात चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से मुक्त कर दिया. इन अधिकारियों में 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी अमर सिंह भी शामिल हैं, जो भूपेंद्र यादव के निजी सचिव (Private Secretary) के रूप में कार्यरत थे. सरकारी आदेश के मुताबिक, उन्हें प्रशासनिक आधार पर उनके मूल विभाग, डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू (Department of Revenue) में वापस भेज दिया गया है.

Advertisement

इसके अलावा, केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के अधिकारी शैलेश कुमार सिंह, जो केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव (Additional Private Secretary) थे, उन्हें एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ (Extended Cooling Off) के प्रावधान के तहत समय से पहले उनके मूल विभाग, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग (DoPT) में वापस भेज दिया गया है. भूपेंद्र यादव के कार्यालय में अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में कार्यरत आयुष शरण को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है. सरकारी आदेश में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई है.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सहायक निजी सचिव (Assistant Private Secretary) सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है. इन घटनाक्रमों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के कार्यालय से एक साथ चार अधिकारियों को हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है. पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस कार्रवाई के पीछे की वास्तविक वजह देश के सामने स्पष्ट की जाए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »