पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का शनिवार को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में निधन हो गया. अस्पताल के बयान में कहा गया कि शनिवार शाम करीब 4 बजे उन्हें अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) आया. चेन्नम्मा को सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत में पहले सुधार हो रहा था और वह रिकवरी की ओर बढ़ रही थीं. हालांकि, अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका.
बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल ने बयान जारी कर कहा, 'हमें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि आज शाम 4 बजे श्रीमती चेन्नम्मा को अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया. उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.' चेन्नम्मा के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे.
पीएम मोदी ने देवेगौड़ा की पत्नी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने 'X' पर लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री श्री देवेगौड़ा जी की पत्नी श्रीमती चेन्नम्मा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है. उन्हें उनके विनम्र स्वभाव और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए सराहा जाता था. दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं श्री देवेगौड़ा जी और उनके पूरे परिवार के साथ हैं. ओम शांति.'
चेन्नम्मा का विवाह 1954 में एच.डी. देवेगौड़ा से हुआ था. उनके परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं. उनके बेटों में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और हासन जिले की होलेनरसीपुर विधानसभा सीट से विधायक एच.डी. रेवन्ना शामिल हैं. देश के पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी और प्रमुख राजनीतिक परिवार की सदस्य होने के बावजूद चेन्नम्मा हमेशा सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहीं. चेन्नम्मा वर्ष 2001 में एक एसिड अटैक की शिकार भी हुई थीं. बताया जाता है कि यह हमला पारिवारिक विवाद के कारण हुआ था.
एच.डी. देवेगौड़ा कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी के त्याग, अटूट सहयोग और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख कर चुके हैं. वहीं, उनके बेटे एच.डी. कुमारस्वामी भी कई बार कह चुके हैं कि उनकी मां के संस्कार और जीवन मूल्यों ने उनके पूरे राजनीतिक सफर में उनका मार्गदर्शन किया.
नागार्जुन