योग गुरु बाबा रामदेव के 'हिंदू राष्ट्र' और पूर्वजों को लेकर दिए गए एक बयान के बाद सियासत में घमासान मच गया है. दरअसल बाबा रामदेव ने कहा है कि 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा से किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है.
बाबा रामदेव के इस बयान पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और शिया धर्मगुरु सैफ अब्बास ने पलटवार किया है. उन्होंने देश को संविधान के दायरे में चलाने की बात कही है.
रामदेव ने हरिद्वार में देवबंद को लेकर अपने संबोधन में कहा, 'हमारे हरिद्वार के पास एक देवबंद है. मुझे 2009 में वहां आमंत्रित किया गया था. मैंने उनसे कहा था कि हमारे धर्म भले ही अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारे पूर्वज एक ही हैं.
'आप दाढ़ी रखें या कटवा लें...'
रामदेव ने आगे कहा कि किसी को भी हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से डरने की जरूरत नहीं है. हम सभी के पूर्वज सनातनी हिंदू आर्य-वैदिक थे. ये हमारे सामने बिल्कुल साफ लिखा है. कुछ लोग पूछते हैं कि अगर हिंदू राष्ट्र बन गया, तो मुस्लिम कहां जाएंगे? बस अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपना लीजिए. आप दाढ़ी रखें या कटवा लें, अपनी पसंद की कोई भी पोशाक पहनें, लेकिन अपना चरित्र अपने पूर्वजों जैसा रखें. हिंदुस्तान में मुसलमानों या ईसाइयों के लिए कोई खतरा नहीं है.
हमारा विचार वही है जो संविधान कहता है: सलमान खुर्शीद
बाबा रामदेव के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं. संविधान में हर किसी के विश्वास के लिए जगह है, लेकिन ये सब संविधान के दायरे के भीतर है, उससे अलग नहीं. संविधान में सब कुछ शामिल है, ये हर व्यक्ति और नागरिक के सोच की रक्षा करता है और सभी के धर्म को सुरक्षित रखता है. आप इसे जिस नाम से चाहें पुकार सकते हैं.'
खुर्शीद ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर हर कोई सनातनी था, तो फिर यहां इस तरह की दरारें पैदा करने की कोशिशें क्यों की जा रही हैं? ये एक ऐसा सवाल है जो उन्हें दूसरों से चर्चा करने से पहले खुद से पूछना चाहिए कि वो कौन हैं और किस समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. मैं कांग्रेस पार्टी की सोच के अलावा किसी और विचार से सहमत नहीं हूं. हमारी सोच वही है जो संविधान कहता है. हम संविधान में विश्वास करते हैं और पूरा देश इसमें विश्वास करता है; इसमें सभी लोगों की आस्था समाहित है.'
देश अंबेडकर के संविधान से चलता है: शिया धर्मगुरु सैफ अब्बास
वहीं, शिया धर्मगुरु सैफ अब्बास ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी से नहीं डरता, जिसे वो भगवान कहते हैं. हमारे लिए ये देश बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के बनाए गए संविधान के तहत काम करता है.'
सैफ अब्बास ने बहुसंख्यक आबादी का हवाला देते हुए कहा कि वो दावा करते हैं कि 80% आबादी होने के बावजूद हिंदू खतरे में हैं. ये दावे पूरी तरह से हास्यास्पद हैं और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाले हैं. देश की जनता सब कुछ जानती और देखती है, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अयोध्या में देखा. हालिया घटनाओं के बाद अयोध्या ट्रस्ट में लोगों का भरोसा कम हुआ है.
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