कांग्रेस की गोलबंदी, प्रशांत भूषण के पास क्या हैं विकल्प, सुनें 'आज का दिन'

सरकार और विपक्ष के बीच भिड़ंत का नया मुद्दा तैयार है. ये है NEET और JEE परीक्षा. कोरोना का दौर ख़त्म नहीं हुआ और ऐसे में विपक्षी दल चाहते हैं कि परीक्षा ना हो. विपक्ष की बड़े करीने से गोलबंदी कांग्रेस ने की है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 8:21 AM IST

सरकार और विपक्ष के बीच भिड़ंत का नया मुद्दा तैयार है. ये है NEET और JEE परीक्षा. कोरोना का दौर ख़त्म नहीं हुआ और ऐसे में विपक्षी दल चाहते हैं कि परीक्षा ना हो. विपक्ष की बड़े करीने से गोलबंदी कांग्रेस ने की है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 7 गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसमें हिस्सा भी लिया. कांग्रेस शासित प्रदेशों के सीएम तो इसमें ख़ैर थे ही. अब मूड सबका ये बन रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया जाए. सवाल ये ही है कि ये कोरोना के खिलाफ सतर्कता है या सरकार के खिलाफ कोरी सियासी मोर्चाबंदी? मंशा और मामला दोनों बताया इंडिया टुडे टीवी के डेप्युटी एडिटर आनंद पटेल ने. 

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प्रशांत भूषण आजकल हर दो दिन बाद सुर्खियों में हैं. जानेमाने वकील हैं और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दोषी भी. चौदह अगस्त को अदालत ने उनसे कहा कि माफी मांगकर मामला ख़त्म करें पर वो नहीं माने. उसके बाद सजा पर बहस के लिए अगली तारीख दी गई. अदालत ने माफी मांगने को फिर से कहा लेकिन प्रशांत भूषण अपने पुराने रुख से डिगे नहीं. कुल मिलाकर अदालत ने बार बार कहा कि प्रशांत भूषण माफी मांगें और हर बार प्रशांत ने ऐसा करने से मना किया है. अब बहुत लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्यों कोर्ट बार बार उनको मोहलत दे रहा है और खुद प्रशांत भूषण के पास क्या विकल्प हैं. बता रहे हैं इंडिया टुडे डॉट कॉम के असिस्टेंट एडिटर प्रभाष दत्ता. 

देश में जितने लोगों को कोरोना हुआ उनमें 76 परसेंट ठीक हो गए. यानि रिकवरी रेट 76 फीसदी हो गया लेकिन दिल्ली में यही आंकड़ा 90 परसेंट है. यानि दिल्ली बाकी देश के मुकाबले बेहतर परफॉर्म कर रहा है. राज्यों में सबसे ज़्यादा रिकवरी रेट दिल्ली का ही है, लेकिन इस बीच दिल्ली में नए मामले थमे नहीं हैं. ऐसे में रिकवरी रेट के मायने कितने हैं ये समझाया लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के डॉक्टर राजेंद्र धमीजा ने. 

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प्रयागराज पुलिस के ऐसे शातिर डिटेक्टिव के बारे में सुनिए जो चार पांव का है. दरअसल ये एक ट्रैकिंग डॉग है जिसका नाम राजा है. पिछले दिनों राजा ने मर्डर के दो मामले सुलझाने में पुलिस की मदद की थी. इसके बाद तो वो हीरो बन गया. हमने भी सोचा क्यों ना इन ट्रैकिंग डॉग्स को लेकर थोड़ी बात की जाए जो जटिल से जटिल मामलों को सुलझाने में पुलिस की मदद करते हैं. हमने बात की प्रयागराज पुलिस के एसएसपी अभिषेक दीक्षित से. 

और ये भी जानिए कि 27 अगस्त की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी पांच मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.  

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