मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जांगे ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपना अनशन समाप्त कर दिया है. मनोज जारांगे पिछले 20 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे, जिसके कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टरों ने उनकी गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें तुरंत इलाज कराने की सलाह दी थी. इसके बाद मनोज जारांगे ने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया, लेकिन उन्होंने सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तीन महीने की मोहलत दी है.