नागपुर के छात्र ने खुद सेलेक्ट किया था अबू धाबी सेंटर? NTA ने रिकॉर्ड जारी कर दिया जवाब

नागपुर के एक नीट अभ्यर्थी को अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के मामले में एनटीए ने सफाई दी है. एजेंसी का दावा है कि एग्जाम सिटी में बदलाव उम्मीदवार के रजिस्टर्ड लॉगिन से किया गया था. हालांकि परीक्षा से 48 घंटे पहले केंद्र बदलने का अनुरोध मिलने पर एजेंसी ने ‘स्टूडेंट-फर्स्ट’ नीति के तहत कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थी को नागपुर में नया सेंटर आवंटित कर दिया.

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नागपुर के नीट अभ्यर्थी को अबू धाबी सेंटर अलॉट करने के मामले में एनटीए ने कहा कि रजिस्टर लॉगिन से सिटी बदली गई थी. (File Photo) नागपुर के नीट अभ्यर्थी को अबू धाबी सेंटर अलॉट करने के मामले में एनटीए ने कहा कि रजिस्टर लॉगिन से सिटी बदली गई थी. (File Photo)

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:18 PM IST

नागपुर के एक नीट अभ्यर्थी (NEET UG 2026) को अबू धाबी में एग्जाम सेंटर आवंटित किए जाने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपना पक्ष रखा है. एजेंसी ने कहा कि उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड के अनुसार अभ्यर्थी के रजिस्टर लॉगिन के जरिए एग्जाम सिटी में बदलाव किया गया था. बाद में अभ्यर्थी की ओर से एग्जाम सेंटर बदलने का अनुरोध मिलने पर एनटीए ने कार्रवाई की.

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एनटीए ने बताया कि नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को 21 जून को रीशेड्यूल किए जाने के बाद अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एग्जाम-सिटी करेक्शन (Correction) विंडो दोबारा खोली गई थी. एजेंसी के मुताबिक, करीब 3.2 लाख अभ्यर्थियों ने इस सुविधा का उपयोग किया और उनमें से 99.5 प्रतिशत से अधिक को उनकी पसंद की ए​ग्जाम सिटी आवंटित की गई. अबू धाबी सेंटर से जुड़े विवाद पर एनटीए ने कहा कि उसके रिकॉर्ड बताते हैं कि एग्जाम सिटी में बदलाव अभ्यर्थी के अपने लॉगिन के जरिए किया गया था और इसमें लगातार एक ही यूजर द्वारा एक्सेस का पैटर्न दिखाई देता है.

अ​भ्यर्थी के लॉगिन से बदली गई एग्जाम सिटी

एजेंसी ने यह भी कहा कि उसकी वेबसाइट पर अभ्यर्थी के रजिस्टर लॉगिन में तीन अलग-अलग अवसरों पर अबू धाबी सेंटर दिखाई दिया था. एक बार उम्मीदवार की आईडी से एग्जाम सेंटर को अबू धाबी में बदला गया, जबकि दो अन्य मौकों पर भी अबू धाबी सेंटर का प्रीव्यू देखा गया था. इसके बावजूद, एनटीए को 19 जून की शाम, परीक्षा से करीब 48 घंटे पहले, एग्जाम सेंटर को अबू धाबी से नागपुर बदलने का अनौपचारिक अनुरोध मिला. एजेंसी ने बताया कि अनुरोध मिलते ही हमारे अधिकारियों ने सेंटर बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी और उसी शाम अभ्यर्थी के पिता से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं.

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अभ्यर्थी के रिक्वेस्ट पर नागपुर में सेंटर अलॉट

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा कि भले ही अभ्यर्थी ने खुद एग्जाम सिटी अबू धाबी सेलेक्ट किया था, फिर भी परीक्षा से 48 घंटे पहले सेंटर बदलने के उसके अनुरोध को स्वीकार करते हुए हमने उसे नागपुर में सेंटर अलॉट किया. एजेंसी ने कहा कि उसकी पॉलिसी 'स्टूडेंट-फर्स्ट' की है और उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रशासनिक संदेह या प्रक्रिया संबंधी समस्या के कारण कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न रहे. यह मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के नागपुर निवासी अब्दुल्ला तालिब को नीट परीक्षा के लिए अबू धाबी सेंटर आवंटित किया गया.

अभ्यर्थी के पिता ने NTA पर लगाए थे आरोप

अभ्यर्थी के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने दावा किया कि आवेदन के दौरान नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन एडमिट कार्ड में अबू धाबी सेंटर देखकर परिवार हैरान रह गया. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा को सुचारु और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए मॉक ड्रिल चलाई जा रही है. री-एग्जाम 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी. इसमें भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे.

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