NCP में बढ़ी अंदरूनी कलह! पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्री बनाने की मांग से छिड़ा नया सियासी संग्राम

अजीत पवार के निधन के बाद से ही राकांपा (NCP) के भीतर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की एक भयंकर जंग छिड़ गई है. केंद्रीय कैबिनेट में जगह बनाने की रेस में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ और दिग्गज नेता पहले से ही कतार में हैं. एनसीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयकुमार अहेर द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्षा सुनेत्रा पवार को लिखे गए एक पत्र ने महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है.

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अजित पवार के बेटे पार्थ को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की मांग की गई है. (File Photo- ITG) अजित पवार के बेटे पार्थ को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की मांग की गई है. (File Photo- ITG)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:58 PM IST

महाराष्ट्र में NCP के भीतर चल रही वर्चस्व की जंग और अंदरूनी कलह अब पूरी तरह से खुलकर सामने आ गई है. एनसीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयकुमार अहेर द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्षा सुनेत्रा पवार को लिखे गए एक पत्र ने महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. पत्र में दिवंगत अजित पवार के बेटे और सांसद पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की मांग की गई है.

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उदयकुमार आहेर ने पत्र में कहा है कि पार्थ पवार के नेतृत्व से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिलेगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ नेता जानबूझकर पार्थ पवार की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने और उनके राजनीतिक भविष्य को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

अजीत पवार के निधन के बाद छिड़ी 'विरासत की जंग'

अजीत पवार के निधन के बाद से ही NCP के भीतर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की एक भयंकर जंग छिड़ गई है. केंद्रीय कैबिनेट में जगह बनाने की इस रेस में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ और दिग्गज नेता पहले से ही कतार में हैं और सक्रिय रूप से लॉबिंग कर रहे हैं. ऐसे में पवार परिवार की नई पीढ़ी (पार्थ पवार) की ओर से मिली इस अप्रत्याशित चुनौती ने वरिष्ठ नेताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं और केंद्रीय मंत्री पद की यह रेस बेहद दिलचस्प और विवादित हो गई है.

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नेतृत्व के सामने बड़ी चुनौती, विरोधियों को बताया 'अनाजी पंत'

उदयकुमार अहेर के इस पत्र ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में चल रही पार्टी के भीतर के गहरे मतभेदों को भी उजागर कर दिया है. अहेर ने पार्टी के ही कुछ नेताओं पर सीधा हमला बोलते हुए उनकी तुलना ऐतिहासिक आलोचकों (अनाजी पंत) से कर डाली. उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता जानबूझकर पार्थ पवार का मनोबल तोड़ने और उनका राजनीतिक करियर खत्म करने की साजिश रच रहे हैं.

अब सुनेत्रा पवार के सामने सबसे बड़ी और कठिन चुनौती यह है कि वे पार्टी के वफादार और अनुभवी दिग्गज नेताओं की महत्वाकांक्षाओं और पवार परिवार की अगली पीढ़ी की बढ़ती राजनीतिक आकांक्षाओं के बीच संतुलन कैसे बिठाती हैं.

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