तीन दिन, तीन हादसे और कई सवाल... मुंबई में पेड़ गिरने, करंट लगने और खुले मैनहोल से BMC के खोखले दावों की खुली पोल

मुंबई में तीन दिन के भीतर तीन गंभीर हादसे हुए. चेंबूर में पेड़ गिरने से स्कूली बच्चे विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई. नेरुल में करंट लगे पानी से गुजरते समय दो छात्राएं बेहोश हुईं, जिन्हें बचा लिया गया. साकीनाका में बिना बैरिकेड वाले खुले मैनहोल में गिरकर मजदूर असलम शेख की जान चली गई. तीनों घटनाओं ने बीएमसी की मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं.

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मुंबई में अलग-अलग हादसों ने मानसून तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं (Photo: PTI) मुंबई में अलग-अलग हादसों ने मानसून तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं (Photo: PTI)

अभिजीत करंडे / दीपेश त्रिपाठी

  • मुंबई, महाराष्ट्र,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

मुंबई में मानसून की बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है. सिर्फ तीन दिन के अंदर शहर में तीन अलग-अलग हादसे हुए, जिनमें पेड़ गिरने, करंट लगने और खुला मैनहोल शामिल है. इन घटनाओं ने बीएमसी की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

23 जून 2026 को महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हुआ, और तभी से राज्य में लगातार भारी बारिश हो रही है. इसी बारिश के बीच मुंबई में तीन दिन में तीन बड़े हादसे हुए.

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पहला हादसा 30 जून को चेंबूर के रोड नंबर 11 पर हुआ. दोपहर करीब 2:58 बजे 60 से 70 साल पुराना एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर एक चलती स्कूल बस पर गिर गया. 

बस में यूनिवर्सल हाई स्कूल के 13 बच्चे सवार थे. बस कंडक्टर और आसपास के लोगों ने ज्यादातर बच्चों को बाहर निकाल लिया, लेकिन 11 साल का विहान श्रीवास्तव अंदर फंस गया. विहान अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. उसे सिर और पेट में गंभीर चोटें आईं और शरीर में कई फ्रैक्चर हुए. उसे तुरंत जेन अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 4:23 बजे उसकी मौत हो गई. 

मुंबई में मानसून प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं (Photo: PTI)


इसी दौरान बीएमसी ने 30 जून से 1 जुलाई के बीच मुंबई में पेड़ गिरने की करीब 90 और शॉर्ट सर्किट की करीब 30 घटनाएं दर्ज कीं, जिनमें बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की जान भी गई. 1 जुलाई को अकेले 24 घंटे में पेड़ और शाखाएं गिरने की 113 घटनाएं सामने आईं.

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यह भी पढ़ें: बारिश से बेहाल मुंबई, 3 दिन में पांच लोगों की मौत, मैनहोल-बिजली के तारों ने खोली सरकारी दावों की पोल

दूसरा हादसा 1 जुलाई को नवी मुंबई के नेरुल में हुआ. सायन-पनवेल हाईवे पर एलपी ब्रिज के नीचे भारी बारिश से पानी भर गया था. वहां जमीन के अंदर बिछे बिजली के तार का इंसुलेशन टूटा हुआ था, जिससे करंट पानी में फैल गया. जब दो कॉलेज छात्राएं उस पानी से गुजर रही थीं, तभी उन्हें करंट लगा और वो बेहोश होकर पानी में गिर गईं. 

मानसून की बारिश जानलेवा साबित हो रही है (Photo: PTI)


वहां मौजूद एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल और स्थानीय लोगों ने पेड़ की डाल के सहारे दोनों को बाहर निकाला और डी वाई पाटिल अस्पताल पहुंचाया. गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई.

तीसरा हादसा 2 जुलाई को साकीनाका के खैरानी रोड पर हुआ. 60 साल के असलम इसाक शेख सुबह करीब 11 बजे काम पर जाते वक्त मोबाइल पर बात करते हुए चल रहे थे, तभी वो एक खुले मैनहोल में गिर गए. 

ठेकेदार ने नाला साफ करने के लिए मैनहोल का ढक्कन हटाया था, लेकिन वहां कोई बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था. सीसीटीवी में असलम अचानक गायब होते दिखे. 

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एक खुले मैनहोल में गिरने से शख्स की मौत हो गई (Photo: PTI)


मजदूरों ने तुरंत सीढ़ी उतारी, लेकिन सिर्फ उनकी छतरी और चप्पल ही मिली. दो घंटे की तलाश के बाद फायर ब्रिगेड ने उनका शव बरामद किया. उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस मामले में बीएमसी ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, और ठेकेदार व मजदूरों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है.

मुंबई में बारिश के बीच छाता लिए लोग पानी से भरी सड़क से गुजरते हुए (Photo: PTI)


फिलहाल मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी भी दी है.

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