28 साल का IAF पायलट शहीद... घर आए रिश्तेदारों से लिपट फफक पड़े पिता, रुला गया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जांबाज

Flight Lieutenant Purvesh Duragkar Nagpur: असम के पहाड़ों में हुए एक दर्दनाक हादसे ने देश के एक होनहार पायलट को हमसे छीन लिया है. नागपुर के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के शहीद होने की खबर से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा शहर शोक में डूबा है. 28 वर्षीय पुरवेश सुखोई Su-30 फाइटर जेट क्रैश में वीरगति को प्राप्त हुए.

Advertisement
रिश्तेदारों से लिपटकर रोते शहीद के पिता.(Photo:Screengrab) रिश्तेदारों से लिपटकर रोते शहीद के पिता.(Photo:Screengrab)

योगेश पांडे

  • नागपुर/तेजपुर,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:51 PM IST

असम के करबी आंगलोंग जिले में बुधवार रात हुए एक दर्दनाक हादसे में भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30 फाइटर जेट के क्रैश होने से फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद हो गए. 28 साल के पुरवेश नागपुर के रहने वाले थे और अपनी बहादुरी व देशप्रेम के लिए जाने जाते थे.

पुरवेश के रेलवे से रिटायर्ड पिता रविंद्र दुरागकर  ने भारी मन से बताया कि उन्होंने बुधवार को ही अपने बेटे से बात की थी. गुरुवार सुबह जब ग्रुप कैप्टन का फोन आया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.

Advertisement

10 दिन पहले हुआ था पारिवारिक मिलन
पड़ोसियों ने बताया कि पुरवेश करीब 10 दिन पहले ही घर आए थे. उनकी बहन अमेरिका में सेटल हैं, जो भाई के साथ गेट-टुगेदर के लिए नागपुर आई थीं. किसी ने नहीं सोचा था कि वह मिलन आखिरी साबित होगा. पुरवेश अविवाहित थे और उनकी प्राथमिक शिक्षा नागपुर से ही हुई थी.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शहीद पुरवेश दुरागकर का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम को नागपुर पहुंचेगा. यहां प्रशासन और वायुसेना की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. वायुसेना ने हादसे के कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं.

'ऑपरेशन सिंदूर' में दिखा चुके थे दम
पुरवेश केवल 4 साल के करियर में ही वायुसेना के एक जांबाज अधिकारी के रूप में उभरे थे. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भी अहम भूमिका निभाई थी. उनकी पोस्टिंग असम के तेजपुर में थी, लेकिन रनवे के काम के चलते वे फिलहाल जोरहाट बेस से उड़ान भर रहे थे.

Advertisement

शिवाजी महाराज से प्रेरणा
पिता के अनुसार, पुरवेश छत्रपति शिवाजी महाराज की विचारधारा से प्रेरित थे और उनका स्वभाव मिलनसार था. उन्होंने बताया कि एक पायलट बनाने में देश का बहुत खर्च और मेहनत लगती है, उनका जाना देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement