झारखंड के खूंटी जिले में घरेलू विवाद ने दोहरी हत्या का भयावह रूप ले लिया. पुलिस के अनुसार, अलग रह रही पत्नी द्वारा अपने पांच वर्षीय बेटे को मायके ले जाने से नाराज पति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले पत्नी और उसके रिश्तेदार का कथित तौर पर अपहरण किया, फिर दोनों की हत्या कर शव पुल के नीचे फेंक दिए. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के बड़गांव निवासी 25 वर्षीय नेहा ठाकुर और 21 वर्षीय अरुण कुमार राणा के रूप में हुई है. दोनों के शव 10 जुलाई को खूंटी थाना क्षेत्र में तजना नदी पर बने पुल के नीचे मिले थे. शव मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
खूंटी के एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि जांच के दौरान नेहा के पति कुंदन प्रमाणिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्तों जितेंद्र सिंह और रितेश चिक बड़ाइक के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया. पुलिस का दावा है कि तीनों ने पहले नेहा और अरुण को रास्ते में रोका और जबरन एक चारपहिया वाहन में बैठा लिया.
जांच के अनुसार, आरोपियों ने वाहन के अंदर दोनों के साथ मारपीट की. पुलिस का आरोप है कि लोहे की रॉड से हमला करने के बाद दोनों की हत्या कर दी गई और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शवों के चेहरे पत्थरों से कुचल दिए गए. इसके बाद शवों को पुल से नीचे फेंक दिया गया.
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुंदन के बड़े भाई मदन प्रमाणिक, बहन सीता देवी और बहनोई विजय रंजन शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने में मदद की और अपराध की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी.
जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया चारपहिया वाहन, लोहे की रॉड, अरुण की मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन समेत कई अहम सामान बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगीcccc
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