CRPF के 'स्पेशल 51' अब जम्मू-कश्मीर में करेंगे आतंक का सफाया

इन जांबाजों को युद्ध क्षेत्र में आने वाली 16 कठिन मुश्किलों से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है. पहाड़ी इलाकों में मौजूद रणक्षेत्र की ऐसी मुश्किलें थी, जिनका सामना कर ये जवान फौलाद से मजबूत बन गए हैं.

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जितेंद्र बहादुर सिंह / पन्ना लाल

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST

जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात से निपटने के लिए सीआरपीएफ अपने ऑफिसर्स की एक खास टीम तैयार कर रही है. सीआरपीएफ की ये टुकड़ी लाइव फायरिंग के दौरान भी उस एरिया में घुस सकती है जहां पर खतरनाक आतंकी मौजूद होते हैं. कई ऑपरेशन को अंजाम देने में माहिर इस टुकड़ी का एक ही मूल वाक्य होता है वन फॉर ऑल ऑल फॉर वन.

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सीआरपीएफ के इन अधिकारियों को इस तरीके की खास ट्रेनिंग दिए जाने के पीछे का मकसद यह है कि यह अधिकारी जब जंग-ए-मैदान में रहें तो इनके मनोबल और उत्साह में किसी तरीके की कमी ना हो. इन जांबाजों को युद्ध क्षेत्र में आने वाली 16 कठिन मुश्किलों से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है. पहाड़ी इलाकों में मौजूद रणक्षेत्र की ऐसी मुश्किलें थी, जिनका सामना कर ये जवान फौलाद से मजबूत बन गए हैं. आजतक संवाददाता जितेंद्र सिंह ने सीआरपीएफ के ऐसे ही 51 असिस्टेंट कमांडेंट की खास ट्रेनिंग का जायजा लिया.

इधर दूसरी तरफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इन सर्दियों में भी बड़ी घुसपैठ कराने के लिए एक अलग तरीके का प्लान तैयार किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाक आर्मी और आईएसआई ने आतंकियों के लिए खास तरीके की ड्रेस खरीदी है जो सर्दियों में भी आतंकवादियों को बर्फीले रास्तों से आने में मदद करेगा.

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सूत्रों के मुताबिक घाटी में इस समय 325 के आसपास आतंकी सक्रिय है जिसमें 215 लोकल और 110 पाकिस्तानी आतंकी मौजूद हैं. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान इन सर्दियों में आतंकियों की तादाद बढ़ाना चाहता है. पाकिस्तान की मंशा है कि सर्दियों में सुरक्षा बलों पर और हमले किये जा सके. आजतक के पास मौजूद आतंकियों की लिस्ट के मुताबिक इस समय लश्कर के सबसे ज्यादा विदेशी और लोकल आतंकी घाटी में मौजूद हैं. इनकी संख्या 148 है.

वहीं दूसरे नंबर पर  हिजबुल के लोकल और पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं जिनकी संख्या 117 है. जबकि जैश के 40 लोकल और पाकिस्तानी आतंकी इस समय कश्मीर घाटी में मौजूद हैं.

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