हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलने वाला है. शिमला मौसम कार्यालय ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून से पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से 15 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और ओले पड़ने की संभावना है.
मौसम विभाग ने कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में गुरुवार और शुक्रवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, ओले गिरने और गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है. लोगों से सतर्क रहने और खासकर खेतों व फसलों की सुरक्षा के लिए अलर्ट किया गया है.
बीते 24 घंटों में राज्य के ज्यादातर इलाकों में मौसम सूखा रहा. सिर्फ कुछ जगहों पर ही बूंदाबांदी और हल्की बारिश दर्ज की गई है. मनाली में सबसे ज्यादा 12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं, कल्पा में 0.8 मिलीमीटर और भुंतर में हल्की बारिश हुई.
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रात का सबसे कम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, दिन का सबसे ज्यादा तापमान ऊना में 42.8 डिग्री सेल्सियस रहा. बता दें कि इस मॉनसून सीजन में 1 जून से 9 जून तक हिमाचल में 12.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 19.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी. इस हिसाब से राज्य में 36 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से बारिश बढ़ेगी, जिससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है. हालांकि, ओले और तेज हवाओं से फसलों खासकर बागों और सब्जियों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है.
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