हरियाणा सरकार ने चिट फंट कंपनियों पर लगाया बैन, फर्जी योजनाओं का शिकार होते थे लोग

नए कानून के आने के बाद मनी सर्कुलेशन का व्यवसाय करने वाली कंपनियां, फर्म, लोग और व्यापारिक संगठन राज्य में निवेश नहीं कर सकेंगे. प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया.

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मनोहर लाल खट्टर मनोहर लाल खट्टर

मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 20 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

हरियाणा सरकार ने निर्दोष लोगों को फर्जी योजनाओं का शिकार होने से बचाने के लिए चिटफंड और मनी सर्कुलेशन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. नए कानून के अधिसूचित होने के बाद मनी सर्कुलेशन व्यवसाय करने वाली कंपनियां, फर्म, लोग और व्यापारिक संगठन राज्य में निवेश नहीं कर सकेंगे. प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. कैबिनेट ने हरियाणा धन परिचारण योजना (प्रतिबंध) अधिनियम, 2022 को अपनी मंजूरी दे दी है.

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि ये नियम राजपत्र अधिसूचना की तारीख से लागू होंगे. पुलिस विभाग नए नियमों को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के अलावा राज्य, केंद्र और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा. मनी सर्कुलेशन योजनाओं से संबंधित मामलों को देखने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा. चिट मुलय एवम धन परिषद योजना (निषेध) अधिनियम, 1978 के तहत लोगों को ठगने का दोषी पाए जाने पर कंपनी, फर्म और व्यापारिक संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

यहां यह बता दें कि चिटफंड कंपनियों का एक नेटवर्क है जो अभी भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौजूद है. गोल्डन फॉरेस्ट एलएस और फ्यूचर मेकर जैसी चिटफंड कंपनियों के मास्टरमाइंड घोटाले पहले भी सामने आ चुके हैं जहां निवेश के नाम पर हजारों लोगों से ठगी की गई.

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गौरतलब है कि केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि देशभर में आज भी तमाम चिटफंड कंपनियां आम जनता को लालच देकर लूट का धंधा जारी रखे हुए हैं जिनपर नकेल कसी जाने की जरूरत है.

 

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