दिल्ली से सटे गुरुग्राम में कथित रंगदारी और दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसकी निर्माण साइट पर कई स्कॉर्पियो गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे दर्जनों लोगों ने न सिर्फ शक्ति प्रदर्शन किया, बल्कि काम जारी रखने के लिए हिस्सेदारी और पैसे देने का दबाव भी बनाया. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है. वीडियो में काले रंग की करीब 10 से 12 स्कॉर्पियो गाड़ियां धनवापुर इलाके में आकर रुकती दिखाई देती हैं. इसके बाद उनमें से बड़ी संख्या में युवक बाहर निकलते हैं और कुछ देर तक साइट के आसपास शक्ति प्रदर्शन करते नजर आते हैं. आरोप है कि इसके बाद सभी लोग मौके से फरार हो गए.
पीड़ित ठेकेदार मनीष दहिया ने सेक्टर-108 थाना प्रभारी को दी शिकायत में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और जबरन रंगदारी मांगी जा रही है.
'काम करना है तो हिस्सा देना होगा', साइट पर पहुंचकर बनाया दबाव
शिकायत के मुताबिक, मनीष दहिया पानी और मिट्टी सप्लाई का काम करते हैं. उनका कहना है कि वे सेक्टर-108 स्थित सेंट्रल पार्क और सेक्टर-106 स्थित ELAN ग्रुप की परियोजनाओं में मिट्टी और पानी की सप्लाई का ठेका संभाल रहे हैं.
पीड़ित के अनुसार, 15 जुलाई को दोपहर करीब 3:30 बजे दविंदर उर्फ सुक्कू, लखिराम, दिनेश दहिया, भोला, नवीन, मुंडी और अजय दहिया अपने 50-60 साथियों के साथ करीब 20 गाड़ियों के काफिले में उनकी साइट पर पहुंचे. आरोप है कि वहां पहुंचते ही उन्होंने कहा कि यदि काम करना है तो दिनेश दहिया और दविंदर (सुक्कू) को हिस्सा देना होगा, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने साइट पर मौजूद सुपरवाइजर रंजन को रोक लिया और धमकी दी कि यदि मालिक मनीष दहिया सामने आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा. इस घटना के बाद साइट पर काम कर रहे कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई.
कौशल चौधरी गैंग का नाम, पुलिस से सुरक्षा की मांग
मनीष दहिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना में शामिल लोग कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी के सक्रिय सदस्य हैं. उन्होंने दावा किया है कि ये लोग कथित तौर पर रंगदारी वसूलने, हथियार जुटाने और अवैध कब्जों जैसे मामलों में गैंग के लिए काम करते हैं. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी.
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने उनके परिवार तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी उन्हें इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी.
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नीरज वशिष्ठ