सूरत सामूहिक सुसाइड मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा, मनीष के बिजनेस पार्टनर को किया अरेस्ट

सूरत सामूहिक सुसाइड केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मृतक मनीष के बिजनेस पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, इंदरपाल को मनीष सोलंकी से 20 लाख रुपए लेने थे. इंदरपाल ने मनीष को यह पैसे दिवाली तक चुकाने के लिए दबाव बनाया था. 

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सूरत सुसाइड केस में बड़ा खुलासा सूरत सुसाइड केस में बड़ा खुलासा

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 09 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

गुजरात के सूरत में एकसाथ 7 लोगों की सामूहिक आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. घटना के 12 दिन बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार व्यक्ति मृतक मनीष सोलंकी का बिजनेस पार्टनर इंदरपाल शर्मा है. दोनों फर्नीचर के व्यवसाय में भागीदार थे. पुलिस के मुताबिक, इंदरपाल को मनीष सोलंकी से 20 लाख रुपए लेने थे. इंदरपाल ने मनीष को यह पैसे दिवाली तक चुकाने के लिए दबाव बनाया था. 

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सूरत डीसीपी राकेश बारोट ने बताया कि बीते 29 अक्टूबर की सुबह अडाजन पुलिस थाना क्षेत्र के पालनपुर पाटीया इलाके एक फ्लैट से एकसाथ 7 लोगों का शव बरामद हुआ था. शुरुआत में यह सामूहिक सुसाइड का मामला लगा था, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि मृतक मनीष सोलंकी ने फांसी लगाई जबकि उसके माता-पिता, पत्नी और तीनों की मौत जहर पीने से हुई.  

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सूरत के अडाजन इलाके में कनुभाई सोलंकी का परिवार रहता था. सिध्देश्वर अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर कनुभाई, उनकी पत्नी, बेटा मनीष उर्फ शान्तु, मनीष की पत्नी रीटा, उसकी दो बेटियां दिशा, काव्य और बेटा कुशल रहता था. 

पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने किसी का नाम लिए बिना ही पैसे वापस नहीं मिलने की बात लिखी थी. पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझा पाना बहुत ही मुश्किल था. पुलिस इस मामले की गहराई से जांच में जुटी रही. इसी बीच पुलिस को मृतक मनीष की एक और चिट्ठी मिली जिसमें उसने अपने भागीदार इंदरपाल शर्मा द्वारा 20 लाख रुपए दीपावली तक चुकाने को लेकर दबाव देने की बात लिखी है.  

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पुलिस की मानें तो इंदरपाल और मृतक मनीष ने भागीदारी में सूरत के भटार इलाके में निधि प्लायवुड नाम से दुकान शुरू की थी. मनीष का फर्नीचर का काम था और दुकान से उसने माल सामान लिया था जिसका पैसा उसे चुकाना था. उसके भागीदार इंदरपाल ने बाकी रकम दीपावली तक चुकाने को कहा था. 

पुलिस ने तफ्तीश में पाया कि मृतक मनीष ने बैंक से लोन लेने के लिए भी कोशिश की थी. उसने 10-10 लाख के करीब 1.10 करोड़ रुपए के लोन के लिए अप्लाई किया था. लेकिन उसका लोन रिजेक्ट हो गया था जबकि एक लोन को घटना के दूसरे दिन अप्रूवल मिल गया था. पुलिस ने इंदरपाल शर्मा के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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