शेर देखने गए 3 दोस्त, 21 साल के युवक को घसीटकर उठा ले गया, डेढ़ महीने में 7वीं मौत से दहला अमरेली

अमरेली जिले में शेर के हमले में 21 वर्षीय सोहिल मुंजावर की मौत हो गई. वह अपने दो साथियों के साथ रात में शेर देखने गया था, तभी शेर ने हमला कर उसे झाड़ियों में घसीट लिया. पिछले डेढ़ महीने में जिले में शेर के हमलों से यह सातवीं मौत है. वन विभाग ने शेर को पकड़ लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

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शेर के हमले से युवक की मौत. (Photo: Screengrab) शेर के हमले से युवक की मौत. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • अमरेली ,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

गुजरात के अमरेली जिले में शेर देखने का जुनून एक 21 साल के युवक की जान ले गया. जिले के लिलिया इलाके में अंताल्या के पास जंगल से सटे क्षेत्र में शेर के हमले में सोहिल मुंजावर की मौत हो गई. पिछले डेढ़ महीने में अमरेली जिले में शेर के हमलों से यह सातवीं मौत है. लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने वन विभाग और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के मुताबिक, सोहिल मुंजावर अपने दो अन्य साथियों के साथ रात में लिलिया के अंताल्या के पास जंगल के इलाके में शेर देखने गया था. तीनों युवक शेर को देख रहे थे, इसी दौरान एक शेर ने अचानक हमला कर दिया. शेर ने 21 वर्षीय सोहिल मुंजावर को दबोच लिया और उसे झाड़ियों की तरफ घसीट ले गया. हमले में सोहिल की मौके पर ही मौत हो गई.

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घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. काफी प्रयास के बाद उन्होंने शेर से सोहिल के शव को छुड़ाया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लिलिया अस्पताल भेजा गया. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमरेली जिले में पिछले डेढ़ महीने के दौरान शेरों के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस अवधि में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं. लगातार बढ़ते हमलों ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है.

इससे पहले बगसरा के घंटियाल गांव में शेर ने सात साल के एक बच्चे पर हमला कर उसकी जान ले ली थी. सावरकुंडला के जुनासावर गांव में एक बुजुर्ग किसान शेर के हमले का शिकार बना था. राजुला के कोवाया गांव में उत्तराखंड के एक प्रवासी युवक की भी शेर के हमले में मौत हो गई थी. खंभा के चतुरी गांव में छह साल के एक बच्चे को भी शेर ने मार डाला था. अब लिलिया के पास सोहिल मुंजावर की मौत ने इस सूची में एक और नाम जोड़ दिया है.

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डेढ़ महीने में शेर के हमलों से 7 लोगों की मौत

इसी दौरान राजुला के वड गांव में एक महिला पर भी शेर ने हमला किया था, लेकिन वह किसी तरह बच गई. वहीं, चार दिन पहले ही सावरकुंडला के थवी गांव में एक पशुपालक पर शेर ने हमला कर उसे घायल कर दिया था. वड और थवी गांव की इन दोनों घटनाओं में लोग घायल हुए थे. लगातार हो रहे हमलों के बीच एक और चिंता सामने आई है. शेरों को देखने, उनके करीब जाने, उन्हें उकसाने और परेशान करने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. वन विभाग का मानना है कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए क्योंकि इससे इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव बढ़ सकता है.

इस मामले पर पालीताना के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट चिराग अमीन ने कहा कि लिलिया में लुवारिया रिजर्व फॉरेस्ट से सटे इलाके में जंगली जानवर और इंसान के बीच टकराव की घटना हुई, जिसमें अमरेली निवासी सोहिल मुंजावर की दुखद मौत हो गई. उन्होंने बताया कि वन विभाग यह जांच करेगा कि क्या यह हमला शेर के मेटिंग सीजन के दौरान उसे उकसाने या परेशान करने की वजह से हुआ. उन्होंने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौके पर कितने लोग मौजूद थे और वहां वास्तव में क्या हुआ था.

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चिराग अमीन ने बताया कि हमले में शामिल करीब 9 से 12 साल उम्र के शेर को पकड़ लिया गया है. फिलहाल उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है. वन विभाग पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को शेर को परेशान करने या उकसाने जैसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दे. उन्होंने कहा कि शेर को परेशान करना या उसे उकसाना गंभीर अपराध है और इसे शेर दर्शन के नाम पर किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

शेर को पकड़कर जांच में जुटा वन विभाग

वन विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई शख्स शेर को जानबूझकर परेशान करता है या उसके करीब जाकर उसे उकसाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पिछले डेढ़ महीने में अमरेली जिले में शेरों के हमलों की लगातार बढ़ती घटनाएं और शेरों के करीब जाने की प्रवृत्ति अब बड़ा चिंता का विषय बन गई है. ऐसे में वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस घटना के पीछे सिर्फ शेर का हमला था या फिर किसी तरह की मानवीय लापरवाही भी इसकी वजह बनी.
 

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रिपोर्टर- फारूकभाई दादामियां सैयदकादरी

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