थ्री-फेज प्लान, ग्रीन कॉरिडोर और बिना वर्दी की पुलिस... जंतर-मंतर से ऐसे हटाए गए सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के बेहद गोपनीय और सुनियोजित ऑपरेशन चलाया. सूत्रों के मुताबिक, नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद हुई पहली उच्चस्तरीय बैठक में इसकी रणनीति बनी थी. कार्रवाई की जानकारी सिर्फ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों तक ही सीमित रखी गई.

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सोनम वांगचुक को सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचाया गया. (Photo- PTI) सोनम वांगचुक को सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचाया गया. (Photo- PTI)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया. पुलिस का कहना है कि यह कदम उनकी लगातार बिगड़ती सेहत और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों को देखते हुए उठाया गया. हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के पीछे की प्लानिंग भी बेहद गोपनीय और सुनियोजित बताई जा रही है.

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दिल्ली पुलिस के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद हुई पहली उच्चस्तरीय बैठक में वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके बाद तय किया गया कि ऑपरेशन सुबह के उस समय किया जाएगा, जब प्रदर्शन स्थल पर सबसे कम लोग मौजूद हों और किसी तरह के टकराव की आशंका भी कम रहे.

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सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई के लिए ऐसा समय चुना, जब वांगचुक के करीबी सहयोगी अभिजीत दिपके कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल से बाहर गए हुए थे. इसी दौरान करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में बैरिकेडिंग के भीतर पहुंचे. पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को तीन चरणों पर अंजाम दिया.

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सोनम वांगचुक को सबसे पहले सफेद चादर से घेर लिया गया. (Photo- PTI)

तीन चरणों में सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाने की योजना

पहला चरण: पहले चरण में बिना वर्दी वाले पुलिसकर्मियों ने मंच को अपने नियंत्रण में लिया. इसके बाद सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों तरफ से बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया गया ताकि वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी न फैले. इसके बाद उन्हें सावधानी से उठाकर एंबुलेंस तक ले जाया गया.

दूसरा चरण: सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने बैरिकेडिंग के बाहर मोर्चा संभाला. उनका काम प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखना और किसी भी संभावित टकराव को रोकना था.

तीसरा चरण: दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल पॉइंट से पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते रहे. एंबुलेंस और पुलिस वाहनों की आवाजाही पर भी लगातार नजर रखी गई.

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस की टीम उठाकर एंबुलेंस में ले गई. (Photo- PTI)

सफदरजंग अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर

जैसे ही सोनम वांगचुक को एंबुलेंस में ले जाया गया, ट्रैफिक पुलिस ने पहले से तैयार ग्रीन कॉरिडोर के जरिए सफदरजंग अस्पताल तक का रास्ता पूरी तरह खाली कराया. इससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सीधे अस्पताल पहुंच गई.

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सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन की जानकारी सिर्फ चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को ही थी. इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों और मौके पर तैनात कई पुलिसकर्मियों को सिर्फ निर्धारित समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे. उन्हें पहले से पूरी योजना की जानकारी नहीं थी.

20 दिन की भूख हड़ताल के बाद काफी कमजोर हो गए थे सोनम वांगचुक. (Photo- PTI)

इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई से पहले आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक का हेल्थ चेकअप किया था. जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी. इसके बाद सफदरजंग अस्पताल में उनके इलाज के लिए दो डॉक्टरों और दो पैरामेडिक्स की स्पेशल टीम तैनात की गई.

उधर, ऑपरेशन खत्म होने के कुछ देर बाद प्रदर्शन स्थल पर लौटे अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि उनकी गैरमौजूदगी में सोनम वांगचुक को वहां से हटाया गया. उन्होंने इसके विरोध में खुद अनशन पर बैठने का ऐलान किया. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से, अधिकतम संयम बरतते हुए और अदालत के निर्देशों के अनुरूप की गई.

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