EWS मरीजों को नहीं मिला मुफ्त इलाज, दिल्ली के 3 बड़े अस्पतालों को नोटिस

ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में मुफ़्त इलाज न मिलने पर राजधानी दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों को अवमानना नोटिस जारी किया गया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

राहुल झारिया / पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 17 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज न मिलने को लेकर लगाई गई अवमानना याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली के 3 बड़े अस्पतालों को नोटिस जारी किया है. इन अस्पतालों में मूलचंद हॉस्पिटल, सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल और राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल शामिल है.

बता दें कि इसी साल 9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया था. जिसके मुताबिक, सरकार से जमीन लेकर बनाए गए प्राइवेट अस्पतालों को ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लोगों को 25 फीसदी ओपीडी और 10 फीसदी बिस्तर मुफ़्त देने की बात कही गई थी.

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लेकिन इन तीन अस्पतालों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी कि ये ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के मरीजों को मुफ़्त इलाज देने से इंकार कर रहे है. जिसके बाद एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट की तरफ से हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई.

सुप्रीम कोर्ट से पहले दिल्ली हाईकोर्ट में 2007 में प्राइवेट अस्पतालों को इसी तरह का आदेश दिया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश को कुछ प्राइवेट अस्पतालों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसके बाद इस साल सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में फैसला अस्पतालों के खिलाफ दिया.

फिलहाल दिल्ली में 57 ऐसे प्राइवेट अस्पताल हैं, जिन्हें सरकार की तरफ से रियायती दरों पर अस्पताल बनाने के लिए जमीन दी गई थी.

इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अक्टूबर को करेगा. वहीं इससे पहले अवमानना याचिका पर हुए नोटिस पर इन तीनों प्राइवेट अस्पतालों को अपना जवाब कोर्ट में दाखिल करना होगा.

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इन तीनों अस्पतालों में कुल मिलाकर करीब एक हजार से ज्यादा बिस्तर हैं और उसके 10 फीसदी के हिसाब से 100 बेड गरीबों को इलाज के लिए मिलने चाहिए, जो फिलहाल ये अस्पताल देने से मना कर रहे है.

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