दिल्ली महिला आयोग का नोटिस- प्लेसमेंट एजेंसी पर कानून में देरी पर मांगा जवाब

दिल्ली महिला आयोग पिछले तीन वर्षों से मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाने और प्लेसमेंट एजेंसी को नियमित करने के लिए कह रही है.

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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल

पुनीत शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

दिल्ली महिला आयोग ने प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी को नियमित करने संबंधी कानून बनाने के लिए दिल्ली सरकार के श्रम विभाग को नोटिस भेजा है. इस नोटिस में आयोग ने कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली महिलाओं की तस्करी का गढ़ बन गई है. खासकर नाबालिग लड़कियां आसानी से शिकार बन रही हैं.

दिल्ली महिला आयोग पिछले तीन वर्षों से मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाने और प्लेसमेंट एजेंसी को नियमित करने के लिए कह रही है.

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इस मामले पर, सितंबर 2018 में  दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा था कि सरकार प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी को नियमित करने के लिए एक बिल लाने जा रही है और उसे जल्द ही दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा. लेकिन अभी तक विधानसभा में एसा कोई बिल पेश नहीं किया गया है. जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग ने इसे बहुत ही गंभीर बताया और कहा कि कानून पास होने में देरी की वजह से आए दिन लड़कियां इन प्लेसमेंट एजेंसी के चंगुल में फंस कर इनका शिकार बन रही हैं.

आयोग ने इस मामले में श्रम विभाग से जवाब मांगा है. आयोग ने बिल की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी है और पूछा है कि बिल कब तक दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा. साथ ही आयोग ने राजधानी में प्लेसमेंट एजेंसी को नियमित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए अन्य कदम की जानकारी भी मांगी है. इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने 1 जुलाई तक श्रम विभाग को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है.

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