दिल्ली के शाहदरा जिले के जगतपुरी इलाके में पत्नी की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने फरार पति को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने प्रॉपर्टी विवाद को लेकर पहले से साजिश रची और अपनी पत्नी की हत्या कर दी. वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने की कोशिश की, नकदी लेकर फरार हो गया और नेपाल भागने की योजना बना रहा था. पुलिस ने उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया. उसके कब्जे से 12 लाख 75 हजार रुपये नकद और वारदात के बाद इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई. पुलिस के अनुसार 30 जुलाई को पीसीआर कॉल मिली कि गगन विहार स्थित एक घर में महिला की हत्या कर दी गई है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. वहां ड्रॉइंग रूम में कोमल सिंह का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला. शुरुआती जांच में पुलिस को खून से सनी एक कैंची भी मिली, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार माना गया. पुलिस को सूचना मृतका के बेटे गौरव ने दी थी.
मृतका के बेटे गौरव और बेटी ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई की सुबह जब दोनों घर से बाहर निकले थे, तब उन्होंने अपने माता-पिता को प्रॉपर्टी विवाद को लेकर झगड़ते देखा था. शाम तक जब मां का फोन नहीं उठा तो गौरव घर पहुंचा. वहां उसने मां का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी. उस समय पिता घर से फरार थे. पुलिस ने जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. एक कैमरे में आरोपी स्कूटी पर बैग लेकर जाता दिखाई दिया. बैग से तलवार का हैंडल बाहर निकला हुआ था, जिसे कपड़े से ढकने की कोशिश की गई थी. एक अन्य सीसीटीवी, जिसमें आवाज भी रिकॉर्ड होती थी, उसमें महिला की चीख साफ सुनाई दी. फुटेज में सुबह करीब साढ़े नौ बजे बेटा गौरव और साढ़े दस बजे बेटी गौरिका को घर से निकलते हुए भी देखा गया.
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी तलवार अपने साथ ले गया और रास्ते में उसे ठिकाने लगा दिया. इसके बाद उसने अपने दो अलग-अलग बैंक खातों से 7 लाख रुपये निकाले. इतना ही नहीं, उसने पत्नी के कमरे से भी 5 लाख रुपये नकद ले लिए. इस तरह वह बड़ी रकम लेकर फरार हो गया. जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद ली. करीब 10 पुलिस टीमों ने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक आरोपी का पीछा किया. तकनीकी निगरानी के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और आखिरकार उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया गया.
पति-पत्नी के बीच था प्रॉपर्टी विवाद
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले गोरखपुर के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहा था. बाद में उसे शक हुआ कि पुलिस उसके पीछे हो सकती है. इसके बाद उसने रास्ता बदल दिया और मथुरा पहुंच गया. उसे लगा कि पुलिस वहां तक नहीं पहुंचेगी, लेकिन पुलिस ने उसे वहीं दबोच लिया. गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद किए. साथ ही वारदात के बाद इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटी भी जब्त कर ली गई. पुलिस पूछताछ में आरोपी कमल सिंह ने स्वीकार किया कि उसने प्रॉपर्टी अपने नाम कराने के विवाद में पत्नी की हत्या की साजिश रची थी. उसने हत्या के लिए पहले से हथियार खरीदा था. वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने के इरादे से हथियार को ठिकाने लगाने की कोशिश की.
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वह हॉलीवुड की क्राइम फिल्म 'द स्टेयरकेस' से प्रभावित था. उसे लगा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार को गायब कर देने से पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं रहेगा. इसी सोच के तहत उसने तलवार को रास्ते में फेंक दिया. हालांकि, वह खून से सनी कैंची घर में ही छोड़ गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि झगड़े के बाद उसने उस समय पत्नी पर तलवार से हमला किया जब वह बालकनी में थी. हमले के बाद कोमल चीखते हुए किचन की ओर भागी. आरोपी ने वहां भी उस पर पहले तलवार और फिर कैंची से हमला किया.
पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया
इसके बाद वह उसे घसीटकर लिविंग रूम तक ले आया. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े और तलवार बैग में रखे. इसके बाद वह करीब 15 मिनट तक नहाता रहा. फिर उसने बैग तैयार किया, पत्नी के कमरे से 5 लाख रुपये लिए और स्कूटी से फरार हो गया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी कमल सिंह का पिछले कुछ समय से किसी महिला से संपर्क था. इसी वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया था. दोनों एक ही घर में रहते हुए भी अलग-अलग रह रहे थे. यहां तक कि दोनों के बिजली के मीटर भी अलग थे. इसके बाद प्रॉपर्टी को लेकर विवाद और गहरा हो गया, जिसका अंत 30 जुलाई को हुई इस हत्या में हुआ.
हिमांशु मिश्रा