दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बोले, नहीं आया कोरोना का दूसरा पीक, डबलिंग रेट अब भी 85 दिन

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में डबलिंग रेट आज भी 85 दिन के आसपास है, अभी भी हम ठीक स्तर पर हैं. सरकार टेस्टिंग पर जोर दे रही है. मकसद है कि कोई भी ऐसा इंसान न बचे जो कोरोना पॉजिटिव हो और मिल न पाए.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (पीटीआई) प्रतीकात्मक तस्वीर (पीटीआई)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST
  • दिल्ली में कोरोना का दूसरा पीक नहीं
  • दिल्ली के हालत नियंत्रण में-सत्येंद्र जैन
  • दिल्ली का डबलिंग रेट 85 दिन

दिल्ली में कोरोना के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो रही है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से जब पूछा गया कि क्या दिल्ली में कोरोना का दूसरा पीक आ गया है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि दूसरा पीक तब कहा जाता है जब कोरोना पूरी तरह खत्म हो जाता. उन्होंने कहा कि अभी दिल्ली में भी कोरोना का सिलसिला जारी है. अगर कोरोना के केस खत्म हो जाए और 6 महीने बाद दोबारा कोरोना फैलने लगे तो दोबारा पीक कहा जाएगा.

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दिल्ली में डबलिंग रेट 85 दिन

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में डबलिंग रेट आज भी 85 दिन के आसपास है, अभी भी हम ठीक स्तर पर हैं. सरकार टेस्टिंग पर जोर दे रही है. मकसद है कि कोई भी ऐसा इंसान न बचे जो कोरोना पॉजिटिव हो और मिल न पाए. इसलिए टेस्टिंग, ट्रेसिंग और आइसोलेशन का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है. ऐसे में अगर कोरोना की संख्या ज्यादा भी आ रही है तो इससे निपटा जा सकता है.

बता दें कि एक तरफ दिल्ली में मामले बढ़ रहे हैं वहीं अनलॉक 4 में मेट्रो खोलने की इजाजत दे दी है, साथ ही दिल्ली में साप्ताहिक बाजार का ट्रायल भी बढ़ा दिया गया है. 

मास्क न पहनने वालों का सख्ती से होगा चालान

इस पर सत्येंद्र जैन ने जवाब देते हुए कहा कि काफी लोगों ने मास्क लगाना बन्द कर दिया है. मीडिया के माध्यम से निवेदन करता हूं कि मास्क जरूर लगाएं वरना सरकार चालान करेगी, अगर भीड़ वाले इलाके में जाएं तो मास्क पहनें इससे संक्रमण फैलने में कमी आएगी.

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सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को मास्क न पहनने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों के चालान काटने को कहा है. सभी जिलों में टीम तैनात की गयी है, पुलिस को भी चालान काटने का अधिकार दिया गया है.

माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है

कंटेनमेंट जोन की संख्या अबतक के सबसे अधिक 820 पहुंचने के सवाल पर सत्येंद्र जैन ने कहा कि जिस भी इलाके में 2 या 3 मामले दर्ज होते हैं वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना दिया जाता है ताकि कोरोना आगे न फैले. यही वजह है कि कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ रही है.


 

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