'60 प्रतिशत पैसा जमा करो, EMI हम भरेंगे...' ऐसे 3 करोड़ की ठगी कर गया फर्जी लोन कंपनी वाला

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में लोगों को घर बनाने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी खुद को फाउंडेशन कंपनी का संचालक बताता था और दावा करता था कि उसकी स्कीम में लोन का 60 प्रतिशत पैसा जमा करने पर EMI कंपनी खुद भरेगी. शिक्षिका समेत 9 लोग इस झांसे में आ गए और करीब 3 करोड़ रुपए गंवा बैठे.

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आसानी से लोन पास कराने का दिया था झांसा. (Photo: Screengrab) आसानी से लोन पास कराने का दिया था झांसा. (Photo: Screengrab)

सुमित सिंह

  • अंबिकापुर,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:05 AM IST

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में ऐसा 'होम लोन गेम' सामने आया है, जिसमें लोगों को घर दिलाने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपए की ठगी कर ली गई. आरोपी लोगों से कहता था- लोन हम दिलवाएंगे, बस उसका 60 प्रतिशत हमारी कंपनी में जमा कर दो. फिर EMI की चिंता छोड़ दो, किस्त कंपनी भरेगी. सुनने में स्कीम शानदार लगती थी. लेकिन पुलिस के मुताबिक, यही स्कीम करोड़ों की ठगी का जाल निकली.

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मामला सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना इलाके का है. पुलिस ने शिवशंकर दास नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप नाम की कंपनी बनाकर लोगों को झांसे में लिया और शिक्षिका समेत 9 लोगों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर डाली.

इस पूरे खेल की शुरुआत एक ड्रीम होम से हुई. बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक में पदस्थ शिक्षिका दिव्या एक्का घर बनाना चाहती थीं. उन्होंने जमीन खरीदी थी और अब होम लोन की तलाश में थीं. तभी किसी जानकार ने उन्हें शिवशंकर दास के बारे में बताया.

शिवशंकर ने खुद को ऐसी कंपनी का संचालक बताया, जो जरूरतमंदों को आसानी से लोन दिलवाती है. फिर उसने अपनी स्पेशल स्कीम समझाई. स्कीम कुछ ऐसी थी- कंपनी जितना लोन दिलवाएगी, उसका 60 प्रतिशत पैसा कंपनी में जमा करना होगा. बदले में पूरी EMI कंपनी खुद जमा करेगी. यानी सामने वाले को लगा कि घर भी बन जाएगा और EMI का झंझट भी खत्म.

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पुलिस के मुताबिक, शिक्षिका इस स्कीम के झांसे में आ गईं. आरोपी ने उनसे जरूरी दस्तावेज वॉट्सऐप पर मंगवा लिए. बैंक के कुछ फॉर्म पर साइन करवाए और फिर अलग-अलग बैंकों से करीब 41 लाख रुपए से ज्यादा का लोन पास करवा लिया.

लोन की रकम खाते में आते ही आरोपी ने कंपनी में पैसा जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. अलग-अलग खातों में करीब 28 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए. सब कुछ सही लगे, इसके लिए आरोपी शुरुआत में कुछ महीनों तक EMI भी भरता रहा. ताकि किसी को शक न हो. लेकिन धीरे-धीरे मामला खुलने लगा. जब पैसों और EMI को लेकर गड़बड़ी सामने आई तो शिक्षिका को ठगी का एहसास हुआ. उन्होंने मई महीने में गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी शिवशंकर दास को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले क्रशर का काम करता था. कारोबार में नुकसान हुआ तो पैसों की जरूरत पड़ने लगी. इसके बाद उसने फर्जी स्कीम बनाकर लोगों को फंसाना शुरू कर दिया.

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पुलिस जांच में सामने आया कि सिर्फ एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि 9 अन्य लोग भी इसी स्कीम के शिकार बने. कुल ठगी 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की बताई जा रही है. गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अब उसके सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.

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