कैबिनेट में शामिल होने को लेकर जेडीयू को मंजूर नहीं बीजेपी का ऑफर

जेडीयू को लगता है कि उनकी तुलना रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से नहीं की जा सकती जिन्हें एक कैबिनेट पद मिला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक जेडीयू मोदी मंत्रिमंडल में कोई रेलवे जैसे रुतबे वाला पोर्टफोलियो चाहता है. गौर करने वाली बात यह है कि खुद नीतीश कुमार रेल मंत्री रह चुके है.

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पोर्टफोलियो को लेकर खुश नहीं नीतीश कुमार पोर्टफोलियो को लेकर खुश नहीं नीतीश कुमार

बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:45 PM IST

रविवार की सुबह मोदी मंत्रीमंडल के विस्तार से पहले सहयोगियों के साथ मंत्री पद को लेकर पेंच फंस गया है. शिवसेना के बाद अब जेडीयू भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बीजेपी के रुख से खुश नहीं है. बीजेपी की तरफ से यह खबर आ रही थी कि जेडीयू एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री के प्रस्ताव पर मान गई है. लेकिन शनिवार की दोपहर तक मंत्रियों की संख्या और पोर्टफोलियो को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच खींचतान जारी है. सूत्रों के मुताबिक जो ऑफर बीजेपी की तरफ से नीतीश कुमार को दिया गया है उससे वह संतुष्ट नहीं हैं. हालांकि बातचीत अभी भी जारी है और दोनों पक्षों को लगता है कि रविवार की शाम तक मामला सुलझा लिया जाएगा.

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जेडीयू को लगता है कि उनकी तुलना रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से नहीं की जा सकती जिन्हें एक कैबिनेट पद मिला हुआ है. सूत्रों के मुताबिक जेडीयू मोदी मंत्रिमंडल में कोई रेलवे जैसे रुतबे वाला पोर्टफोलियो चाहता है. गौर करने वाली बात यह है कि खुद रह चुके हैं और बिहार से उनके दूसरे प्रतिद्वंदी लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान भी पहले रेल मंत्री रह चुके हैं.

जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मंत्रिमंडल में शामिल होने के सवाल पर टका सा जवाब दिया कि उन लोगों को मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में कुछ भी पता नहीं है, क्योंकि उनकी पार्टी से है. ऐसे बयान देकर जेडीयू अपनी नाराजगी सार्वजनिक तौर पर जाहिर कर रही है और बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश भी कर रही है.

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इन खबरों के बीच जेडीयू के जिन सांसदों का नाम मंत्री बनने के लिए चर्चा में था वह डरे-सहमे अपने घरों में बंद हो गए हैं और मीडिया से बिल्कुल बात नहीं कर रहे हैं. इन नेताओं को डर है कि इस नाजुक वक्त पर जरा सा भी बोलना उन्हें महंगा पड़ सकता है.

 

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