इस मौसम में वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं. यह बुखार कुछ दिनों में ठीक हो जाता है. ऐसे में लोग मान लेते हैं कि बुखार उतरने के बाद बीमारी पूरी तरह खत्म हो गई है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में यह शरीर के दूसरे अंगों, खासकर किडनी पर भी असर डाल सकते हैं. इस तरह के कुछ मामले भी आ रहे हैं. ऐसे में बुखार ठीक होने के बाद भी सतर्क रहना चाहिए.
पहले जान लेते हैं कि वायरल बुखार क्या होता है. वायरल बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह किसी वायरल संक्रमण के खिलाफ शरीर का एक्शन होता है. जब कोई वायरस शरीर पर हमला करता है, तो उससे लड़ने के लिए शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिसे हम बुखार कहते है. यह आमतौर पर 3 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है. इसी को ही वायरल बुखार भी कह देते हैं. वायरल बुखार किसी भी तरह के वायरस से हो सकता है. यह वायरस ही शरीर को नुकसान करता है. फिलहाल देखा जा रहा है कि जिन लोगों का बुखार ठीक हो गया है उनमें किडनी से संबंधित समस्या देखी जा रही है. ऐसा वायरस के असर से हो रहा है.
बुखार के बाद किडनी संबंधित समस्याएं देखी जा रही हैं
मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में यूरोलॉजी, रीनल ट्रांसप्लांट और रोबोटिक्स विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार ने इस बारे में आजतक. इन को बताया है. डॉ कुमार कहते हैं कि कुछ वायरस सीधे किडनी को संक्रमित करते हैं, जबकि कुछ शरीर के इम्यून सिस्टम के जरिए किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए किसी भी प्रकार के वायरल संक्रमण के बाद किडनी की सेहत पर नजर रखना बेहद जरूरी है. ताकि किडनी की सेहत को खराब होने से बचा सकें.
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डॉ. कुमार कहते हैं कि इस समय कुछ केस देखे जा रहे हैं जिनमें वायरल बुखार के बाद किडनी में कुछ समस्याएं देखी गई हैं. ऐसे में इसके सही कारण का पता लगाना जरूरी होता है. इसके लिए डॉक्टर खून और यूरिन की जांच करते हैं. जरूरत पड़ने पर किडनी बायोप्सी भी करा सकते हैं. इन टेस्ट के जो परिणाम आते हैं उनके आधार पर ही इलाज तय किया जाता है.
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किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
डायबिटीज के मरीज
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
पहले से किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
ऑर्गन ट्रांसप्लांट) करा चुके मरीज
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यूरिन कम आना
पैरों में सूजन
कमजोरी महसूस होना
उल्टी आना
पेशाब का गहरे रंग का होना
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