अगर आपकी उम्र सिर्फ 30 साल है तो भी हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो सकती है. डॉक्टरों के पास इस तरह के कई केस अब आ रहे हैं. अधिकतर मामलों में लक्षण नहीं दिखते हैं. केवल नॉर्मल चेकअप के दौरान ही बीपी हाई मिलता है और जब इसको लोग लगातार कई दिनों तक चेक कराते हैं तो पता चलता है कि ये तो हाई बीपी की बीमारी हो गई है. ऐसे में डॉक्टरों ने 30 की उम्र वालों को बीपी चेक कराने और इसको कंट्रोल में रखने की सलाह दी है.
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर डॉ. गगनदीप एस ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर आमतौर पर कोई लक्षण देकर नहीं होता है. न सीने में दर्द, न सांस फूलना, लेकिन इससे धीरे-धीरे आपकी आर्टरीज को नुकसान होता रहता है, जबकि आप पूरे दिन बिल्कुल ठीक महसूस करते हुए अपना काम करते रहते हैं. इसी वजह से ही हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है.
यह भी पढ़ें: हार्ट की नसों में ब्लॉकेज नहीं, फिर भी आ सकता है हार्ट अटैक, डॉक्टर ने बताया कैसे दिखते हैं लक्षण
30 साल की उम्र में हो रही हाइपरटेंशन
डॉ गगनदीप ने बताया कि अब 30 साल की उम्र में लोगों को हाई बीपी की बीमारी यानी हाइपरटेंशन हो रहा है. ऐसे कई केस उनके पास आते हैं. ये लोग फिट दिखते हैं और एक्टिव हैं, लेकिन फिर भी और रूटीन चेक में ब्लड प्रेशर बढ़ा दिखता है. कुछ लोगों में दवाओं से इसको कंट्रोल किया जाता है.
कम उम्र में ही हाई बीपी की वजह खराब लाइफस्टाइल, लंबे काम के घंटे, स्क्रीन टाइम का बढ़ना, बिगड़ी हुई नींद, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड खाने से भी ये बीमारी हो रही है. मुश्किल यह है कि ब्लड प्रेशर महीनों या सालों में धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अंदर ही अंदर, आपका दिल हर धड़कन के साथ ज्यादा मेहनत कर रहा होता है, और आपकी ब्लड वेसल्स धीरे-धीरे अपनी लचक खोती जा रही होती हैं, अगर ध्यान न दिया जाए, तो इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है.
यह भी पढ़ें: जैम खाते हैं तो सावधान! हार्ट अटैक से लेकर ब्रेन स्ट्रोक तक का खतरा, ये है कारण
हाई ब्लड प्रेशर की पहचान कैसे करें
सबसे पहले, यह सोचना बंद करें कि बीपी चेक सिर्फ 50 से ऊपर के लोगों के लिए है,अगर आपकी उम्र 30 भी है तो साल में कम से कम 5 से 10 बार अपना बीपी चेक करवाएं, भले ही आप पूरी तरह स्वस्थ महसूस करें. सिर्फ पांच मिनट का बीपी चेक किसी समस्या को समय रहते पकड़ सकता है. टेस्ट करके हुए इस बूात का ध्यान रखें कि सिर्फ एक बार की रीडिंग पर नहीं, बल्कि पैटर्न पर ध्यान दें. किसी एक मानसिक तनाव भरे दिन में एक बार हाई बीपी आना कोई डायग्नोसिस नहीं है, लेकिन अगर कुछ हफ्तों तक लगातार रीडिंग हाई आ रही है,तो यह हाई बीपी की बीमारी का संकेत हो सकता है. इस मामले में आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
हाई बीपी से कैसे बचें
खानपान का खास ध्यान रखें, ज्यादा नमक और फास्ट फूड न खाएं
रोज चलें कम से कम 2 से 3 हजार कदम
6-8 घंटे की नींद लें
मानसिक तनाव को मैनेज करें
आजतक हेल्थ डेस्क