कई लोगों को शिकायत होती है कि उन्हें बार-बार यूरिनेशन के लिए जाना होता है. हालांकि दिन में 6-8 बार पेशाब करना नॉर्मल है लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें हर घंटे जाना पड़ता है. यदि आप भी उन लोगों में से हैं तो इसे हल्के में न लें. अक्सर लोग इसे केवल ज्यादा पानी पीने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शरीर के अंदर छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन (UTI), डायबिटीज या प्रोस्टेट से जुड़ी परेशानियां इसका मुख्य कारण हो सकती हैं. तो आइए जानते हैं आखिर यह समस्या क्यों होती है और आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए.
क्या है बार-बार यूरिन आने की वजह?
मेडिकल साइंस के अनुसार, एक सामान्य व्यक्ति दिनभर में औसतन 6 से 8 बार यूरिन पास करता है. अगर यह संख्या अचानक बढ़ जाए, तो इसके पीछे कई मेडिकल कंडीशंस हो सकती हैं. क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) बार-बार पेशाब आने का सबसे कॉमन कारण है. इसमें ब्लैडर में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है जिससे बार-बार अर्ज महसूस होती है. इसके अलावा टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज में भी शरीर एक्स्ट्रा शुगर को निकालने के लिए ज्यादा पेशाब बनाता है.
इन बीमारियों का भी हो सकता है संकेत
सिर्फ इन्फेक्शन ही नहीं, बल्कि कई अन्य शारीरिक बदलाव भी इसका कारण बन सकते हैं. मायो क्लीनिक के विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) सिंड्रोम के कारण ब्लैडर की मांसपेशियां बिना भरे ही सिकुड़ने लगती हैं जिससे पेशाब करने की अचानक तीव्र इच्छा होती है.
पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (Enlarged Prostate) भी एक बड़ा कारण है. वहीं यदि आप रात में भी कई बार पेशाब करने के लिए उठते हैं तो इसे नोक्टुरिया कहा जाता है, जो नींद की गुणवत्ता को खराब कर देता है.
किन बातों का रखें ध्यान?
यदि आपकी समस्या सिर्फ लाइफस्टाइल से जुड़ी है तो कुछ बदलाव इसमें मदद कर सकते हैं. हेल्थलाइन के मुताबिक, कैफीन और अल्कोहल का अधिक सेवन ब्लैडर को इरिटेट कर सकता है जिससे यूरिन की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है.
यदि आप बार-बार पेशाब आने के साथ दर्द, बुखार, यूरिन में खून आना या पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस कर रहे हैं तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें. तुरंत किसी यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें ताकि समय रहते सही इलाज शुरू किया जा सके.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और मेडिकल रिसर्च पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)
आजतक हेल्थ डेस्क