ईरान में अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को आखिरी विदाई देने हजारों लोग सड़कों पर उतरे. तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मशहद में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई. उन्हें 9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी-इजरायली एयरस्ट्राइक में अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
इस बीच अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों पर हमला कर दिया. इस हमले में तेहरान और मशहद को जोड़ने वाले रेल मार्ग को भी नुकसान पहुंचा, जिससे इस मार्ग पर रेलवे सेवाओं को सस्पेंड कर दिया गया. अब ईरान पर अमेरिकी हमला बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. और इसके साथ कहा जा रहा है कि अयातुल्ला खामेनेई का जनाजा मशहद पहुंचते ही अमेरिका ने यहां मिसाइल हमले कर दिए.
वीडियो में भयानक आग और इसकी वजह से आसमान में काले धुएं का गुबार देखा जा सकता है. वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “आयतुल्ला अली खामेनेई का जनाजा मशहद पहुंचा तो अमेरिका ने वहां मिसाइलों की बारिश शुरू कर दी!”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो मई 2025 का है और ईरान-अमेरिका के बीच हालिया घटनाक्रम से संबंधित नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये मिडिल ईस्ट आई के यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 6 मई 2025 को अपलोड किया गया था. इससे एक बात तो यहीं साबित हो जाती है कि ये वीडियो पुराना है और हालिया घटनाक्रम से संबंधित नहीं है.
डिसक्रिप्शन के मुताबिक ये वीडियो यमन का है और उस वक्त का है जब इजरायल ने यहां के Al-Hudaydah port और बाजिल जिले पर हमला किया था. इस हमले में इजरायल के 30 से ज्यादा विमानों ने कम-से-कम 48 बम गिराए थे. अल-अरेबिया इंग्लिश ने भी इसी जानकारी के साथ ये वीडियो अपलोड किया था.
न्यूज एजेंसी Reuters की 5 मई, 2025 की खबर के मुताबिक ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल के मुख्य हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले किए थे. इसके जवाब में एक दिन बाद इजरायल ने यमन के बंदरगाह पर हवाई हमले किए थे.
इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने हूती ठिकानों को निशान बनाया था. रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कम-से-कम 35 लोग घायल हुए थे.
साफ है कि एक पुराने वीडियो को ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले से जोड़कर गलत दावा किया जा रहा है.
फैक्ट चेक ब्यूरो