TRP के नए खिलाड़ी हैं रवि-सरगुन, एकता कपूर के डेली सोप पर लगा ग्रहण, मार्केट में बने नंबर 1

रवि दुबे और सरगुन मेहता ने अपनी एक्टिंग की जर्नी टीवी से शुरू की थी. लेकिन आज वो इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुके हैं. उनके प्रोड्क्शन में बने शोज टीवी पर छाए हुए हैं.

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रवि दुबे-सरगुन मेहता का इंडस्ट्री में राज (Photo: Instagram @ravidubey2312) रवि दुबे-सरगुन मेहता का इंडस्ट्री में राज (Photo: Instagram @ravidubey2312)

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

रवि दुबे और सरगुन मेहता... एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ऐसा दमदार कपल जो एक वक्त अपनी शानदार एक्टिंग के जरिए ऑडियंस के बीच छाया रहा. लेकिन अब एक्टिंग के साथ उन्होंने प्रोडक्शन वर्ल्ड में भी अपना जादू बिखेरा है. रवि-सरगुन ने एक्टिंग में चमकने के बाद प्रोडक्शन फील्ड में ऐसा धमाका किया कि टीवी के टॉप प्रोड्यूसर्स बैकफुट पर आ गए. रवि-सरगुन की हिट जोड़ी ने एकता कपूर, राजन शाही जैसे स्टार निर्माताओं के शोज को पटखनी दी है.

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ऑडियंस के बीच छाए रवि-सरगुन के शोज
पावर कपल ने अपने प्रोडक्शन हाउस 'ड्रीमियाता ड्रामा' के तहत कई फ्रेश, एंगेजिंग और असरदार कंटेंट को लॉन्च किया है. इस बैनर तले वो टीवी शोज, पंजाबी फिल्म, म्यूजिक वीडियोज के अलावा डिजिटल कंटेंट को प्रोड्यूस करते है. 2021 में शो उडारियां से शुरु हुई उनकी ये जर्नी 6 सालों में सुपरहिट रही है. इस प्रोडक्शन में जुनूनियत, स्वर्ण घर, दालचीनी, गंगा माई की बिटियां, चंपा लीला, दिल को रफू कर ले, बादल पे पांव है, लवली लोला, हाले-दिल जैसे शो बने हैं. ये सभी शोज हिट रहे हैं.

इन दिनों रवि-सरगुन के प्रोडक्शन में बना जीटीवी का शो गंगा माई की बिटियां टीआरपी में टॉप पर है. इस शो ने अनुपमा, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, ये रिश्ता क्या कहलाता है जैसे टॉप शोज को पछाड़ा है. रवि-सरगुन के शोज ने टीवी ऑडिंयस के बीच एंटरटेनमेंट के गेम को पलट कर रख दिया है. अभी तक सास बहू ड्रामा को पसंद करने वाले लोग रवि-सरगुन के बैनर तले बने रिलेटेबल और इमोशनल शो से ज्यादा जुड़ रहे हैं. ऐसे में सवाल है आखिर ड्रीमियाता ड्रामा प्रोडक्शन हाउस ऐसा क्या दिखा रहा है, जो बाकी मेकर्स से अलग है. 

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रवि-सरगुन के कंटेंट में खास क्या?
रवि-सरगुन के प्रोडक्शन में बने शोज की सबसे बड़ी खासियत इसका कंटेंट है. उनका बैन नई और अलग कहानियों को दर्शकों के बीच लाता है. जो कि पारंपरिक सास-बहू ड्रामों से अलग होते हैं. कहानियों में रोमांस, इमोशन, फैंटेसी के साथ यंगस्टर्स के इंटरेस्ट से जुड़ना है. रवि-सरगुन ने यंग ऑडियंस को टारगेट किया है. वो जानते हैं आज के यूथ को क्या चाहिए. बस घर पर रहने वाली महिलाओं के इर्द-गिर्द शो नहीं बनाए हैं.

टीवी और OTT दोनों के दर्शकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बना है. कई शोज हैं जो दशकों से चले आ रहे हैं, उससे हटकर रवि-सरगुन के शोज की कहानी लिमिटेड होती है. कम एपिसोड के साथ फास्ट पेस कंटेंट देना मार्केट में उन्हें बाकियों से अलग बनाता है. 

क्यों नबंर 1 बना 'गंगा माई की बिटियां'?
जीटीवी के इस शो में एक ऐसी मां की कहानी को दिखाया गया है जिसे बेटा न होने की वजह से पति ने छोड़ दिया है. लेकिन उसने हार नहीं मानी है. वो अपने दम पर तीन बेटियों को पाल रही है. शो में नजर आया फैमिली बॉन्ड, मां-बेटी की इक्वेशन, इमोशनल एंगल और सोशल मैसेज से ऑडियंस जुड़ी है. महिलाओं के सशक्तिकरण के टॉपिक को एंटरटेनमेंट और इमोशन के तड़के के साथ परोसा गया है.

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शो में दिखाया गया है कि बेटियां बोझ नहीं बल्कि ताकत होती हैं. वाराणसी की संस्कृति और वहां के माहौल ने लोगों को कनेक्ट किया है. बाकी टीवी शोज की तरह यहां भी विलेन है, लेकिन कहानी में निगेटिविटी कायदे में रहकर दिखाई गई है. कुल मिलाकर कहें तो कहानी रिलेटेबल है, इसमें ड्रामा ओवर द टॉप नहीं है. जबरन सनसनी मचाने की कोशिश नहीं की गई है.

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