रितिक के सपोर्ट में आए फरहान, कहा- कंगना ने सुनाई एकतरफा कहानी

कंगना-रितिक विवाद में फरहान अख्तर रितिक के समर्थन में सामने आए हैं. उन्होंने सोशन मीडिया पर बहुत लंबा पोस्ट शेयर किया है.

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फरहान अख्तर, रितिक रोशन फरहान अख्तर, रितिक रोशन

स्वाति पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

शनिवार रात रितिक रोशन एक टीवी इंटरव्यू में खुलकर सामने आए और कंगना संग अपने रिश्तों के बारे में बात की. इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका कंगना के साथ कोई रिश्ता नहीं था.

कई सिलेब्स इस मुद्दे पर सामने आए और रितिक का साथ दिया. इसी लिस्ट में अब फरहान अख्तर का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने फेसबुक पर एक लेटर शेयर किया है.

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उन्होंने लिखा है- आज मैंने एक ओपन लेटर पढ़ा, जो एक व्यक्ति ने एक महिला के लिए लिखा है. यह विवाद चल तो काफी दिनों से रहा है, लेकिन जहां तक मेरी जानकारी है इस शख्स ने पहली बार अपनी बात सामने रखी है. मेरे पास यह कहने का अधिकार नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत, लेकिन मुझे लगता है कि इन घटनाओं पर कमेंट करना जरूरी है.

बहुतों की तरह मुझे भी लगता है कि हमारे समाज में ज्यादातर महिलाओं को दबाया जाता है. यह बहुत भयानक है कि रेप के कुछ केसेज में समाज के कुछ हिस्सों ने पीड़िता को दोषी माना है.

4 साल पहले मैंने MARD (Men Against Rape & Discrimination) की स्थापना की थी. इसके जरिए मैं लिंग संबंधी हिंसा के खिलाफ लड़ना चाहता था.

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कुछ घटनाओं में महिलाओं को गलत ठहराया जाता है, लेकिन कुछ और सभी में अंतर है. हालांकि कुछ केस ऐसे भी होते हैं, जहां पुरुषों का पीछा किया जाता है, उनका शोषण होता है और उन पर गलत आरोप लगाए जाते हैं. यह सच्चाई हमारे देश के सर्वोत्तम न्यायालय ने भी मानी है.

यह सब देखते हुए आज मुझे जरूर बोलना चाहिए.

मीडिया में जिस तरह इस विवाद को दिखाया गया है, वो चिंताजनक है. हमारे कुछ बड़े पत्रकारों ने उस महिला की सच्चाई जाने बिना एकतरफा कहानी को सबके सामने पेश किया.

क्या यह दूसरी पार्टी के साथ भेदभाव नहीं है?

कुछ समय के लिए सारी भावनाओं, पक्षपात को अलग रखकर उन तथ्यों को देखते हैं, जो मौजूद हैं. वो महिला कहती हैं कि उनका 7 साल का अफेयर था और उस दौरान दोनों ने बहुत से ई-मेल्स शेयर किया.

हालांकि उस शख्स ने मना किया है कि उसने कोई ई-मेल नहीं किया. उसने शिकायत भी दर्ज करवा दी है. सारे डॉक्यूमेंट्स, अपने फोन, लैपटॉप सब सबमिट कर दिया है.

लेकिन ऐसा महिला ने नहीं किया है. किसी ना किसी कारण से वो ऐसा करने से मना कर रही है. अपना फोन और लेपटॉप देना सिर्फ कानूनी तौर पर ही सही नहीं होगा, बल्कि यह साबित भी करेगा कि वो सच कह रही है.

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उसके ऑफिशियल ई-मेल अकाउंट में महिला के ऑफिशियल ई-मेल अकाउंट से भेजे गए हजार से ज्यादा ई-मेल्स हैं. उसके कंटेट सेक्सुअल भी है. वो कहती है कि उसने यह ई-मेल नहीं भेजा, बल्कि उस शख्स ने उसका अकाउंट हैक कर के खुद को मेल किया.

अगर वो 7 साल तक रिश्ते में थे, तो उसे ऐसा करने की क्या जरूरत थी. तो क्या उसने महिला के किसी भी मेल का रिप्लाई किया?

जहां तक हम जानते हैं... नहीं, एक का भी रिप्लाई नहीं किया.

यहां रुकिए और खुद से पूछिए.

अगर किसी महिला को ऐसे मेल्स मिलते और वो इसे उत्पीड़न कहती. तब आपका क्या रिएक्शन होता? क्या आप उस शख्स पर विश्वास करते अगर वो कहता कि वो रिलेशनशिप में थे और महिला ने उसका अकाउंट हैक कर खुद को मेल्स भेजे हैं.

अभी और है...

महिला ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दोनों थे. उसने कहा कि यह उस समय का है जब दोनों का अफेयर था. असली तस्वीर में उनके दोस्त भी थे, जिसमें उनकी पत्नी (अब एक्स-वाइफ) थीं.

क्यों दूसरों को जानबूझ कर क्रॉप कर दिया गया. महिला के पास कोई मैसेज और तस्वीर नहीं है, जो यह साबित कर सके कि दोनों 7 साल के रिलेशनशिप में थे. उनके पेरिस में हुए तथाकथित सगाई की भी कोई तस्वीर नहीं है.

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उस शख्स ने यह भी कहा है कि उसके पासपोर्ट पर उस समय का (सगाई) फ्रांस का स्टांप भी नहीं है. क्या यह सब आपके दिमाग में सवाल पैदा नहीं करती?

तो सच्चाई क्या है?

दरअसल सच्चाई यह है कि हम सच्चाई जानते ही नहीं.

मैंने आज यह सब इसलिए कहा है क्योंकि कुछ लोग अभी से ही नतीजे पर पहुंच गए हैं और कुछ लोग महिला को बोलते रहने की आजादी दे रहे हैं.

यह सब यह बिना सोचे किया जा रहा है कि महिला के शब्दों से उस पुरुष के परिवार और बच्चों पर क्या असर पड़ेगा. यह टीआरपी के लिए हो सकता है, लेकिन यह बहुत भयानक है.

जब तक फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी के बयान के आधार पर किसी को जज करना सही नहीं है.

अदिति राव हैदरी और करण जौहर ने फरहान का साथ दिया है. अदिति ने ट्वीट कर लिखा- सच है. मैं आशा करती हूं कि लोगों की टीआरपी तमाशा न बने.

करण जौहर ने लिखा- बहुत अच्छा लिखा फरहान...यह जरूरी है...यह सच है.

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