'ये तो गधा मजदूरी करता है', जब मनोज को देखकर सोचते थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मनोज बाजपेयी ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज के साथ बिताए अपने थिएटर के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि एक बार दोनों एक्टर्स उनके थिएटर प्ले में पेड़ बनकर घंटों तक खड़े रह गए थे.

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थिएटर में साथ थे मनोज बाजपेयी-नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Photo: Instagram @manojbajpayee/nawazuddin._siddiqui) थिएटर में साथ थे मनोज बाजपेयी-नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Photo: Instagram @manojbajpayee/nawazuddin._siddiqui)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST

मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी नई फिल्म गवर्नर को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. उनकी नई फिल्म की कहानी 1991 के दौरान भारत के सामने आए भीषण आर्थिक संकट और देश को दिवालिया होने से बचाने की सच्ची घटनाओं पर आधारित है. इसमें मनोज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ए. वेंकिटरमनन के रोल में नजर आए हैं. 

मनोज बाजपेयी ने अबतक अपने 30 साल के एक्टिंग करियर में ऐसे कई सारे किरदार निभाए हैं जिनमें असल जिंदगी से प्रेरित लोगों की झलक दिखती है. वो अपने हर रोल के लिए बहुत मेहनत करते हैं. हाल ही में मनोज ने अपने पुराने थिएटर के दिनों को याद किया, जब वो सुबह से लेकर शाम तक सिर्फ अपने किरदार की तैयारी में जुटे रहते थे. उन्हें देखकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज हैरान रह जाते थे. 

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मनोज बाजपेयी को देख घबराए थे नवाजुद्दीन

फीवर एफएम संग बातचीत के दौरान मनोज बाजपेयी ने कहा- मैं पागलों की तरह तैयारी किया करता था. मेरी रिहर्सल पूरे-पूरे दिन तक चला करती थीं. बाद में, मुझे नवाज (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) ने बताया कि वो और विजय (राज) मुझे इतनी मेहनत करते हुए देखा करते थे. वो वहां से बाहर चले जाते थे और खुद से ये सवाल किया करते थे कि क्या एक्टिंग के लिए इतनी मेहनत करने की जरूरत पड़ती है? वो स्टार बनना चाहते थे, लेकिन मुझे रिहर्सल करता देखने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि वापस चले जाना सही है क्योंकि ये आदमी तो इतनी गधा मजदूरी कर रहा है.

जब पेड़ बने नवाजुद्दीन

मनोज बाजपेयी आगे नवाजुद्दीन और विजय राज संग बिताए अपने पुराने थिएटर के दिनों को भी याद करते हैं. उन्होंने बताया कि कैसे उनके प्ले में दोनों एक्टर्स एक पेड़ बनकर घंटों खड़े रहे थे. एक्टर ने कहा- वो एक काफी बड़ा प्ले था. मुझे आज भी याद है पहला दिन, दोनों (नवाजुद्दीन और विजय राज) डायरेक्टर से मिलने आए थे. उन्होंने दोनों से पूछा था कि कहां से आए हो और क्यों एक्टिंग करनी है. चूंकि उसमें कोई रोल मौजूद नहीं था, तो सबने सोचा कि क्यों ना इन लोगों को पेड़ बना देते हैं, हमें प्ले में पेड़ की जरूरत भी है.

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'नवाज और विजय के साथ 7-8 एक्टर्स और भी थे. उन्हें स्टेज पर ढाई घंटे तक पेड़ बनकर खड़े रहना पड़ा था. एक वक्त के बाद ये दोनों डायरेक्टर के लिए पनौती बन गए थे. डायरेक्शन देते समय वो इतने जोश में आ जाते थे कि एक बार उनसे टकराकर गिर पड़े. चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी हड्डी में स्क्रू लगवाने पड़े. इसके बाद नाटक के बाकी शो में वो एक हाथ से ही डायरेक्शन देते रहे. इस बात को लेकर सभी लोग उनका मजाक उड़ाते थे और कहते थे कि ये दोनों लड़के उनके लिए पनौती साबित हुए हैं.'

मनोज बाजपेयी ने इसी बातचीत में बताया कि उनकी दोस्ती नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज के साथ इसी दौरान गहरी हुई थी. तीनों जहां जाते, एक ही साथ रहते और खाते-पीते थे. आज तीनों एक्टर्स बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी पहचान मजबूती से बना चुके हैं. 

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