आंदोलन के बावजूद पंजाब में BJP को मिल रहा किसानों का वोट, जानें- हरियाणा में पार्टी को क्यों हो रहा नुकसान

एग्जिट पोल का अनुमान है कि पंजाब में कांग्रेस को 6% और अकाली दल को 3% ग्रामीण वोटों में नुकसान होने की संभावना है. किसान वोटरों का बड़ा हिस्सा लगभग 16% आम आदमी पार्टी को जाते दिख रहा है. हैरानी की बात है कि जिस बीजेपी को ग्रामीण इलाकों में प्रचार करने को नहीं मिल सका, वहां भी उसे 6% किसान वोट मिलने की संभावना है.

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पंजाब को लेकर क्या कहते हैं एग्जिट पोल के नतीजे पंजाब को लेकर क्या कहते हैं एग्जिट पोल के नतीजे

मनजीत सहगल

  • अमृतसर,
  • 02 जून 2024,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST

पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर शनिवार को आखिरी चरण में वोट डाले गए. उसके बाद सामने आए इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के नतीजे बताते हैं कि किसान आंदोलन के बावजूद कांग्रेस और अकाली दल किसानों के बीच बीजेपी के खिलाफ हवा बनाने में नाकाम रहे.

एग्जिट पोल का अनुमान है कि पंजाब में कांग्रेस को 6% और अकाली दल को 3% ग्रामीण वोटों में नुकसान होने की संभावना है. किसान वोटरों का बड़ा हिस्सा लगभग 16% आम आदमी पार्टी को जाते दिख रहा है. हैरानी की बात है कि जिस बीजेपी को ग्रामीण इलाकों में प्रचार करने को नहीं मिल सका, वहां भी उसे 6% किसान वोट मिलने की संभावना है.

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एग्जिट पोल के नतीजों से पता चला है कि बीजेपी को 14%, कांग्रेस को 31%, अकाली दल को 27% और आम आदमी पार्टी को 24% ग्रामीण वोट (किसान) मिल सकते हैं.

ऐसे में ये बात चौंकाती है कि MSP समेत कई मांगों के मुद्दे पर किसानों के विरोध का सामना कर रही बीजेपी को इतने ग्रामीण वोट कैसे मिले? दरअसल इसका जवाब बीजेपी की चुनाव रणनीति में छिपा है. ग्रामीण या किसान वोट में ज्यादातर भूमिहीन, सिख और खेतीहर मजदूर हैं और बीजेपी के अनुसार इनका इस्तेमाल जाट नेताओं ने विरोध स्थलों में संख्या बढ़ाने के लिए किया था. 

पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेता इन्हें ये समझाने में सफल रहे कि किसान प्रदर्शन के नाम पर इनका शोषण किया जा रहा था. ये भी समझाने में सफल रहे कि एमएसपी की मांग से सिर्फ भूमि मालिकों को फायदा होगा. पंजाब में ज्यादातर किसानों के पास जमीन नहीं है. सिर्फ 3% किसानों के पास ही जमीन थी. 

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एग्जिट पोल से संकेत मिलता है कि इस बार बीजेपी को 6% गरीब, दलित भूमिहीन किसान और खेतिहर मजदूरों का वोट मिल सकता है. AAP जिसे पहले से ही 2022 के विधानसभा चुनावों में ग्रामीण मतदाताओं का विश्वास प्राप्त है, उसे लोकसभा चुनावों में 16% अतिरिक्त किसान वोट मिलने का अनुमान है. 

हरियाणा में बीजेपी को नुकसान क्यों होता दिख रहा?

दूसरी ओर, पड़ोसी राज्य हरियाणा में बीजेपी को 3% और उसकी पुरानी सहयोगी जेजेपी को 8% किसान वोटों का नुकसान हो सकता है.

एग्जिट पोल के मुताबिक, 2024 में हरियाणा में बीजेपी को 41%, इंडिया ब्लॉक को 48%, जेजेपी को 2% और इनेलो को 4% किसान वोट मिल सकते हैं.

बीजेपी से किसानों के छिटकने की एक वजह किसान आंदोलन है. इस साल फरवरी में किसानों को दिल्ली जाने से रोक दिया गया था, जिस कारण किसान बीजेपी से खासे नाराज बताए जाते हैं. इसका खामियाजा जेजेपी को भी भुगतना पड़ रहा है. उसे पहले 10% किसानों के वोट मिलते थे, लेकिन अब उसे 2% वोट ही मिलते नजर आ रहे हैं.

2019 में हरियाणा की सभी 10 सीटें जीतने वाली बीजेपी को इस बार इंडिया ब्लॉक से दो से चार सीटों का नुकसान हो सकता है. इसकी वजह एंटी-इंकम्बेंसी, महंगाई और बेरोजगारी दर के अलावा किसानों की नाराजगी को माना जा रहा है.

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