'केजरीवाल की गिरफ्तारी इलेक्टोरल बॉन्ड से ध्यान हटाने की कोशिश', केरल के CM का BJP पर निशाना

केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी बॉन्ड का मुद्दा बीजेपी के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है. इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार, भाजपा, और संघ परिवार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करा दिया.

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Arvind Kejriwal (File Photo) Arvind Kejriwal (File Photo)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 26 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 4:07 AM IST

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनावी बॉन्ड से ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया है. उन्होंने कहा है कि दिल्ली के सीएम को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया, ताकी चुनावी बॉन्ड के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.

विजयन ने आगे कहा कि केंद्र सरकार जानती थी कि चुनावी बॉन्ड का मुद्दा एक बड़ी समस्या बन सकता है. इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार, भाजपा, और संघ परिवार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करा दिया. यह एक संकेत है कि हमारा देश किस ओर जा रहा है. विजयन ने आरोप लगाया संघ परिवार के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का रवैया है कि वह कुछ भी कर सकते हैं और उन्हें किसी की परवाह नहीं है.

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इलेक्टोरल बॉन्ड को बताया सबसे बड़ा घोटाला

विजयन ने आगे कहा कि सीपीआई (एम) कभी भी चुनावी बांड स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी और यह देश में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला था. सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बोलते हुए विजयन ने कहा,'संघ परिवार (आरएसएस) यह संदेश देना चाहता है कि वे देश के कानून से ऊपर हैं और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.'

सिर्फ CPIM ने किया CAA का विरोध: विजयन

विजयन ने सीएए पर अपने रुख को लेकर कांग्रेस को भी नहीं बख्शा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब CAA के खिलाफ सीपीआई (एम) विरोध-प्रदर्शन कर रही थी, उस दौरान राहुल गांधी विदेश में थे. लेकिन अब कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि उन्होंने तकनीकी रूप से अधिनियम का विरोध किया था.

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देश में क्यों बनाया गया नागरिकता कानून

बता दें कि सीएए दिसंबर 2019 में पारित किया गया था. कई विपक्षी दलों ने इस कानून के खिलाफ बोलते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया था. दरअसल, सीएए का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है.

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