आत्मविश्वास या आत्मसमर्पण: पूर्वांचल छोड़ बाहर पसीना बहा रहीं प्रियंका गांधी

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में यूपी की 13 सीटों पर 19 मई को मतदान होंगे. ये सभी सीटें पूर्वांचल इलाके की हैं और इनकी जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर है. लेकिन प्रियंका गांधी पूर्वांचल को छोड़कर मध्य प्रदेश पंजाब में पार्टी को जिताने के लिए पसीना बहा रही हैं.

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प्रियंका गांधी और राहुल गांधी (फोटो-PTI) प्रियंका गांधी और राहुल गांधी (फोटो-PTI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2019,
  • अपडेटेड 7:53 PM IST

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव अब सातवें और आखिरी चरण में है. इस चरण में यूपी की 13 लोकसभा सीटें है, जहां 19 मई को मतदान होंगे. ये सभी सीटें पूर्वांचल इलाके की हैं और इनकी जिम्मेदारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कंधों पर है. लेकिन प्रियंका गांधी पूर्वांचल को छोड़कर मध्य प्रदेश पंजाब में पार्टी को जिताने के लिए पसीना बहा रही हैं. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि पूर्वांचल में कांग्रेस इस अत्मविश्वास से लबरेज है कि वो चुनावी जंग फतह कर रही है या फिर पूरी तरह से उसने आत्मसमर्पण कर दिया है.

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आखिरी चरण में उत्तर प्रदेश की महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चन्दौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज सीट पर 19 मई को मतदान होने हैं. इन सीटों पर चुनाव प्रचार का अंतिम दिन शुक्रवार यानी 17 मई को है. इस तरह चुनाव प्रचार के लिए महज तीन दिन का समय बाकी है. ऐसे में प्रियंका गांधी अगर चुनावी कैम्पेन में पूर्वांचल में उतरती है तो अगले तीन दिनों में 13 सीटें कैसे कवर कर पाएंगी?

पूर्वांचल की जिन 13 सीटों पर चुनाव हैं, 2014 में ये सभी सीटें बीजेपी जीतने में कामयाब रही थी. इस बार के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन ने बड़ी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरी है. सपा प्रमुख अखिलेश और बसपा अध्यक्ष मायावती लगातार पूर्वांचल में संयुक्त जनसभाएं कर रहे हैं.  यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ भी इन सीटों पर चुनाव प्रचार तेज कर दिए हैं. पिछले दो दिन से पीएम इन इलाके की सीटों पर प्रचार कर रहे हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी अभी तक यूपी के आखिरी चरण की सीटों पर चुनावी प्रचार में अभी तक नहीं उतरे हैं. जबकि कांग्रेस कई सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ रही है. प्रियंका गांधी पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी हैं और इन सीटों को जिताने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है. इसके बावजूद चुनाव प्रचार में नजर न आना सवाल खड़ा कर रहा है. जबकि प्रियंका गांधी ने राजनीति में एंट्री की थी तो माना जा रहा था कि प्रियंका गांधी पूर्वांचल में पार्टी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगी.

प्रियंका गांधी पूर्वांचल में अपने उम्मीदवारों को छोड़कर सोमवार को मध्य प्रदेश के  उज्जैन, रतलाम और इंदौर में रोड शो और जनसभाएं करके कांग्रेस उम्मीदवार को जिताने के लिए पसीना बहा रही है. इतना ही नहीं मंगलवार को प्रियंका गांधी पंजाब में प्रचार के लिए उतरी हैं. हालांकि माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी बुधवार को वाराणसी और गुरुवार को मिर्जापुर में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं.

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में अपने चुनावी अभियान की शुरूआत प्रयागराज से काशी के लिए किया था. इस दौरान उन्होंने पूर्वांचल की कई सीटों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर फोकस किया था. प्रियंका इस दौरे के बाद वाराणसी अभी तक नहीं गई हैं.

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