आखिर बीजेपी क्यों कह रही दिल्ली के सभी एग्जिट पोल होंगे फेल, ये है वजह

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर एक्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए बीजेपी नेताओं का कहना है कि मतदान के दिन आखिरी कुछ घंटों में मतदान प्रतिशत बढ़ने के कारण चौंकाने वाले नतीजे आएंगे.

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दिल्ली एग्जिट पोल पर बीजेपी का रुख (Photo- Aajtak) दिल्ली एग्जिट पोल पर बीजेपी का रुख (Photo- Aajtak)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 6:42 AM IST

  • बीजेपी ने सभी एक्जिट पोल को नकारा
  • दावा- बहुमत से ज्यादा सीटें करेंगे हासिल
  • आज आएंगे दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद जारी सभी एक्जिट पोल ने केजरीवाल सरकार की सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की, लेकिन बीजेपी नेता हैं कि मानते ही नहीं. उनका दावा है कि 11 फरवरी को जब ईवीएम खुलेगी तो सारे एक्जिट पोल फेल हो जाएंगे और बीजेपी सबको चौंकाते हुए बहुमत से भी ज्यादा सीटें हासिल करेगी.

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मतदान के दिन आखिरी घंटों में अचानक बढ़े वोट प्रतिशत को जहां बीजेपी अपने लिए अच्छे संकेत मान रही है, वहीं आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में खेल का भी अंदेशा जताया है. हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि ईवीएम शक से परे है.

बीजेपी नेताओं द्वारा एग्जिट पोल को ठुकराए जाने की बात करें तो प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी 2017 में पंजाब चुनाव के एक एग्जिट पोल का हवाला देते हुए दिल्ली के एग्जिट पोल के भी गलत साबित होने की बात कह रहे हैं. दरअसल, इस एग्जिट पोल में कहा गया था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी 59 से 67 सीटें जीतकर सरकार बनाएगी, लेकिन वहां के नतीजों में कांग्रेस ने बाजी मार ली थी.

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मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा, 'ये सभी एग्जिट पोल फेल होंगे. मेरा ट्वीट संभालकर रखिएगा. 48 सीटें लेकर भाजपा सरकार बनाएगी.' वहीं, पश्चिमी दिल्ली के चर्चित सांसद परवेश वर्मा भी एग्जिट पोल से इत्तेफाक नहीं रखते. वह ट्वीट कर बीजेपी के 50 सीटें जीतने का दावा कर चुके हैं. उन्होंने आम आदमी पार्टी के खाते में सिर्फ 16 और कांग्रेस के महज चार सीटें जीतने की भी बात कही है.

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वोटिंग % बढ़ने के कारण चौंकाने वाले नतीजे

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी अपने कुछ ट्वीटों के जरिए कहा है कि 8 फरवरी को, मतदान के दिन आखिरी कुछ घंटों में मतदान प्रतिशत बढ़ने के कारण चौंकाने वाले नतीजे आएंगे. उनके मुताबिक, बढ़ा मतदान प्रतिशत बीजेपी के लिए शुभ संकेत है. वह अचानक बढ़े मतदान प्रतिशत के पीछे बीजेपी काडर और कार्यकर्ताओं की मेहनत को श्रेय देते हैं.

उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, 'दिल्ली में 62.59 प्रतिशत मतदान होने की पुष्टि चुनाव आयोग ने की. यह 2019 के लोकसभा चुनाव से लगभग दो प्रतिशत अधिक है. इससे मामला और दिलचस्प हो जाता है.'

चुनाव सर्वेक्षण होगा गलत साबित

इससे पहले के एक ट्वीट में अमित मालवीय ने कहा था, 'दोपहर तीन बजे 30.18 प्रतिशत मतदान हुआ, चुनाव आयोग ने रात में 11.30 बजे बताया कि 61.71 प्रतिशत वोटिंग हुई है. देरी से हुई यह उछाल चुनाव सर्वेक्षणों को गलत साबित कर सकती है. मत भूलिए कि बीजेपी ने अपने काडर और वॉलंटियर्स को वोट डालने के लिए निकाल दिया था. यह सुविधा दूसरों के पास नहीं है.'

बीजेपी नेताओं की ओर से आखिर एग्जिट पोल को गलत क्यों ठहराया जा रहा है, इस आत्मविश्वास के पीछे की वजह क्या है? पार्टी सूत्रों का कहना है कि एग्जिट पोल अंतिम नतीजे नहीं होते. देश में हुए कई चुनावों के दौरान एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं.

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बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगर एग्जिट पोल हमेशा सच होते तो फिर पंजाब में क्यों नहीं हुए, जहां आम आदमी पार्टी की सरकार बनने की भविष्यवाणी की गई थी. बिहार में भी एग्जिट पोल के दावे के मुताबिक बीजेपी नहीं जीत सकी थी.

एक्जिट पोल के दावे संदिग्ध

बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय कहते हैं कि नुक्कड़ सभाओं के जरिए बीजेपी गली से लेकर मुहल्ले के मतदाताओं से संवाद करने में सफल रही. दिल्ली का कोई ऐसा वार्ड नहीं था, जहां बीजेपी के बड़े नेताओं ने सभाएं नहीं कीं. टीवी चैनलों ने एग्जिट पोल के आंकड़े चुनने के लिए शाम छह बजे तक यानी मतदान खत्म होने का इंतजार नहीं किया, बल्कि दो से लेकर तीन बजे तक के आंकड़ों के आधार पर एक्जिट पोल शाम को जारी किया, जिस कारण एग्जिट पोल से सही तस्वीर सामने नहीं आ सकी है.

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उन्होंने कहा, '70 सीटों के सही आंकड़े जुटाने में तीन से चार घंटे लगते हैं. ऐसे में एक्जिट पोल के दावे संदिग्ध हैं. मतदान के दिन आप के बूथों पर भीड़ नहीं थी.'

(IANS इनपुट के साथ)

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