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हसनपुर विधानसभा चुनाव 2027 (Hasanpur Assembly Election 2027)

हसनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित एक सब-डिविजन लेवल का शहर है, जिसकी अपनी नगरपालिका परिषद है. यह गंगा नदी के पास स्थित है.

1957 में बना हसनपुर, एक सामान्य (बिना आरक्षण वाला) विधानसभा क्षेत्र है और अमरोहा लोकसभा सीट के पांच हिस्सों में से एक है. हसनपुर निर्वाचन क्षेत्र में हसनपुर नगरपालिका क्षेत्र के साथ-साथ आस-पास

के कई गांव भी शामिल हैं, जिससे इसका स्वरूप मुख्य रूप से ग्रामीण है.

हसनपुर ने अपनी शुरुआत के बाद से 17 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है. 1967 में सिंगल-मेंबर सीट बनने से पहले, 1957 और 1962 में यह एक डुअल-मेंबर (दो सदस्यों वाला) निर्वाचन क्षेत्र था. इस निर्वाचन क्षेत्र ने किसी एक पार्टी के प्रति लंबे समय तक वफादारी नहीं दिखाई है. दशकों से सत्ता अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के बीच बदलती रही है.

कांग्रेस पार्टी और बीजेपी ने चार-चार बार यह सीट जीती है, जबकि भारतीय क्रांति दल, जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने दो-दो बार जीत हासिल की है. कांग्रेस (जगजीवन), एक निर्दलीय उम्मीदवार और बहुजन समाज पार्टी ने एक-एक बार जीत हासिल की है.

2012 में, समाजवादी पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी से यह सीट छीन ली, जब कमल अख्तर ने गंगा सरन को 32,228 वोटों से हराया. 2017 में बीजेपी ने जबरदस्त वापसी की और महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने समाजवादी पार्टी के मौजूदा विधायक कमल अख्तर को 27,770 वोटों से हराया. खड़गवंशी ने 2022 में समाजवादी पार्टी के मुख्य गुर्जर को 22,382 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी. उन्हें 120,135 वोट मिले, जबकि गुर्जर को 97,753 वोट मिले.

लोकसभा चुनावों में हसनपुर ने बीजेपी के प्रति ज्यादा निरंतरता दिखाई है. 2009 में, इसके सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक दल ने इस क्षेत्र में समाजवादी पार्टी पर 27,283 वोटों की बढ़त बनाई थी. इसके बाद हुए सभी संसदीय चुनावों में BJP आगे रही है- 2014 में समाजवादी पार्टी से 40,762 वोट ज्यादा, 2019 में बहुजन समाज पार्टी से 18,433 वोट ज्यादा और 2024 में कांग्रेस से 29,763 वोट ज्यादा मिले. 2024 में, BJP के कंवर सिंह तंवर को इस क्षेत्र में 115,277 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कुंवर दानिश अली को 76,514 वोट मिले.

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या लगातार बढ़ी है. 2012 में यह संख्या 307,728 थी, जो 2017 में बढ़कर 342,743 और 2019 में 354,144 हो गई. इसके बाद 2022 में यह संख्या बढ़कर 364,215 और 2024 के लोकसभा चुनावों में 371,225 हो गई.

ज्यादातर चुनावों में वोटिंग का प्रतिशत बहुत ज्यादा रहा है. यह 2012 में 71.72 प्रतिशत, 2017 में 74.39 प्रतिशत, 2019 में 71.39 प्रतिशत और 2022 में 73.90 प्रतिशत था, लेकिन 2024 में घटकर 65.02 प्रतिशत हो गया.

हसनपुर एक संतुलित निर्वाचन क्षेत्र है जहां हिंदू और मुस्लिम आबादी लगभग बराबर है. अनुसूचित जातियों की आबादी कुल वोटरों का लगभग 18.03 प्रतिशत है. यह सीट मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां 82.95 प्रतिशत वोटर गांवों में और 17.05 प्रतिशत शहरी इलाकों में रहते हैं.

हसनपुर का नाम हसन खान (जिन्हें मुबारिज खान के नाम से भी जाना जाता है) के नाम पर पड़ा है. वे एक पठान शासक थे जिन्होंने 1634 में वहां के पहले के गोसाईं शासकों को हराकर इस इलाके पर कब्जा किया था. पठान सदियों तक इस क्षेत्र में बड़े जमींदार बने रहे. 19वीं सदी के आखिर में यह कस्बा धीरे-धीरे एक व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ. यह ऐतिहासिक रुहेलखंड इलाके में स्थित है, जहां ब्रिटिश शासन के आने से पहले प्राचीन राज्यों, राजपूतों, मुगलों, रोहिलों और बाद में अवध के नवाबों का शासन रहा है.

हसनपुर गंगा नदी के किनारे उपजाऊ गंगा के मैदानों में बसा है. यहां स्टेट हाईवे के जरिए अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है और रेल सुविधा भी उपलब्ध है, जिसका अपना रेलवे स्टेशन 'हसनपुर रोड' है. जिला मुख्यालय अमरोहा यहां से लगभग 25-30 किमी, मुरादाबाद 60-65 किमी, मेरठ 110-120 किमी, दिल्ली 160-170 किमी और राज्य की राजधानी लखनऊ लगभग 380-400 किमी दूर है. यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और उससे जुड़े कामों पर टिकी है. यहां की उपजाऊ जमीन गन्ना, अनाज, बागवानी और डेयरी फार्मिंग के लिए बहुत अच्छी है. मतदाताओं के मुख्य मुद्दों में गन्ने की कीमत, सिंचाई की सुविधा, बिजली की सप्लाई, बाढ़ से बचाव, रोजगार के मौके, सड़क का बुनियादी ढांचा और ग्रामीण इलाकों का समग्र विकास शामिल हैं.

हाल के सालों में शानदार प्रदर्शन और बढ़ते समर्थन के कारण हसनपुर में बीजेपी को साफ बढ़त हासिल है. पिछले पांच चुनावों में जीत या बढ़त के साथ पार्टी की स्थिति मजबूत बनी हुई है. हालांकि, चुनाव का फैसला आखिरकार जमीनी हकीकत से ही होता है. अगर समाजवादी पार्टी और दूसरी विपक्षी पार्टियां 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से यह सीट छीनना चाहती हैं, तो उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार और असरदार चुनावी नैरेटिव की जरूरत होगी.

(अजय झा)

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हसनपुर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Mahendra

BJP
वोट1,20,135
विजेता पार्टी का वोट %44.7 %
जीत अंतर %8.4 %

हसनपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Mukhya Gurjar

    SP

    97,753
  • Phireram

    BSP

    36,150
  • Ahtesham Rza Hashmi

    AIMIM

    4,972
  • Suraj

    IND

    1,907
  • Aasim Sabri

    INC

    1,734
  • Angoori

    IND

    1,651
  • Nota

    NOTA

    1,279
  • Abrar Ahmad

    ASPKR

    1,076
  • Vikar Ahmad

    VINPA

    707
  • Abdul Khaliq

    NBEP

    596
  • Amar Singh

    AAAP

    501
  • Kamal Singh

    RPD

    260
  • Omkar

    LD

    203
WINNER

Mahendra Singh Khargvanshi

BJP
वोट1,11,269
विजेता पार्टी का वोट %43.6 %
जीत अंतर %10.8 %

हसनपुर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Kamal Akhtar

    SP

    83,499
  • Gangasaran Khadgvansi

    BSP

    51,930
  • Nota

    NOTA

    1,693
  • Indrajeet

    ADPT

    1,283
  • Naushad Ali

    AIMIM

    1,235
  • Mahaveer

    RLD

    1,034
  • Leela Devi

    RJSNP

    966
  • Vijaypal

    RPI(A)

    850
  • Rajendra Singh

    IND

    788
  • Vinay Bhaiya

    RLRP

    372
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हसनपुर विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में हसनपुर में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के हसनपुर विधानसभा चुनाव सीट पर Mahendra को कितने वोट मिले थे?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 कब आयोजित होंगे?

पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव किस पार्टी ने जीता था?

हसनपुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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