बंगाल के फलता में बवाल, TMC पर धमकी और आगजनी की साजिश के आरोप, सड़कों पर उतरे लोग

पश्चिम बंगाल के फलता में काउंटिंग से पहले भारी तनाव है. ग्रामीणों ने टीएमसी नेताओं पर घर जलाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है. इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है और लोग दोबारा चुनाव की मांग कर रहे हैं.

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टीएमसी कार्यकर्ताओं की धमकी से डरे फालता के लोग, सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण (Photo: ITG) टीएमसी कार्यकर्ताओं की धमकी से डरे फालता के लोग, सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:16 PM IST

पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली वोटों की गिनती से पहले ही माहौल बेहद गर्म हो गया है. दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में शनिवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. लोगों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता उन्हें डरा-धमका रहे हैं और उनके साथ कभी भी हिंसा हो सकती है. आलम यह है कि गांव के लोग दहशत में हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया है.

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दरअसल, मामला तब बढ़ा जब गांव वालों को धमकियां मिलने लगीं. लोगों का कहना है कि उन्हें घर जलाने और खून-खराबे की बात कही गई. इसी डर की वजह से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने फलता में दोबारा मतदान की मांग की है, क्योंकि वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. इस हलचल को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है. CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं और एक बख्तरबंद गाड़ी भी मौके पर भेजी गई है ताकि स्थिति हाथ से न निकले.

इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है, जो अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं. एक स्थानीय महिला ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया. उसने आरोप लगाया कि टीएमसी के इसराफिल चौकीदार ने उन्हें धमकी दी है कि अगर ये लोग (विपक्ष) जीत गए, तो वे उनके घरों को आग लगा देंगे और खून की नदियां बहा देंगे. एक दूसरी महिला ने तो यहां तक कहा कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी को ही वोट दिया था, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन पर हमले किए गए.

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बाइक पर आए लोग और देने लगे जान से मारने की धमकी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि एक स्थानीय टीएमसी नेता अपने साथ कई लोगों को मोटरसाइकिल पर लेकर गांव में घुसा और खुलेआम धमकी देने लगा. आरोप है कि गांव के स्त्री-पुरुषों को डराया गया और चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा. यही वजह है कि अब ग्रामीण पूरे इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग कर रहे हैं,  ताकि काउंटिंग वाले दिन कोई बड़ी वारदात न हो जाए.

एक तरफ जहां फलता में यह हंगामा चल रहा है, वहीं दूसरी ओर मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर की 15 बूथों पर दोबारा मतदान की प्रक्रिया भी चल रही है. चुनाव आयोग ने दूसरे चरण में हुई गड़बड़ियों के बाद यहां फिर से वोटिंग कराने का आदेश दिया था. दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, मगराहाट पश्चिम में 56.33% और डायमंड हार्बर में 54.9% वोटिंग दर्ज की गई है. प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि यह प्रक्रिया शांति से निपट जाए.

सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि स्ट्रॉन्ग रूम के पास भी खींचतान कम नहीं है. टीएमसी ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र में तैनात एक अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, उन पर बिना इजाजत पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है. वहीं बीजेपी ने भी आरोप लगाया है कि एक स्ट्रॉन्ग रूम को बिना अनुमति के खोला गया, जिसके बाद जांच हुई और खबर है कि कम से कम 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. 4 मई की काउंटिंग से पहले बंगाल का यह सियासी पारा बता रहा है कि चुनावी नतीजे आने तक हर पल काफी नाजुक रहने वाला है.

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