पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर सियासी हलचल के बीच चन्नी कैंप को झटका लगा है. कांग्रेस आलाकमान ने इशारा किया है कि पंजाब में राजा अमरेंद्र वडिंग ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. पार्टी का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में अचानक परिवर्तन से संगठन कमजोर हो सकता है.
सबसे बड़ी बात यह है कि पंजाब कांग्रेस संगठन भी वडिंग के साथ दिख रहा है. यह चन्नी कैंप के मंसूबे पर पानी फेर सकता है. सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के 29 जिला अध्यक्षों में 25 जिला अध्यक्ष राजा वडिंग के साथ हैं. उन्हें चार सांसद और आठ-नौ विधायक का भी समर्थन है.
इधर, कांग्रेस में टॉप लेवल पर भी मीटिंग जारी है. केसी वेणुगोपाल के आवास पर मुलाकात के बाद पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से जब लीडरशिप में बदलाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये गुड्डे-गुडियों का खेल नहीं है.
पंजाब के मसले पर मंगलवार को भी कांग्रेस की अहम मीटिंग हुई थी. इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुल खड़गे, केसी वेणुगोपाल शामिल हुए. मीटिंग के लिए छतीसगढ़ विधानसभा सत्र के बीच भूपेश बघेल दिल्ली बुलाए गए थे.
दरअसल, ये बैठकें इसलिए हो रही हैं कि चन्नी कैंप हर हालत में पंजाब के सियासी रण में अपना दबदबा बनाना चाहता है. चन्नी के समर्थक खुलकर कह रहे हैं कि उनके नेता को राज्य में पार्टी की कमान दिया जाए. वहीं कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग पर भरोसा जताया है.
राहुल गौतम