'राजनीतिक विरोधियों को अब जानलेवा दुश्मन माना जाता है!' PM मोदी से मुलाकात पर मनीष तिवारी बोले

शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी और चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की मुलाकात सोशल मीडिया पर हॉट टॉपिक रही. अब इस मुद्दे पर मनीष तिवारी ने कहा है कि वे थोड़े पुराने खयालों के हैं

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पीएम मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात लंबी रही. (Photo: Social media) पीएम मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात लंबी रही. (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

चंडीगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बीच हुई मुलाकात पर सियासी गपशप का दौर जारी है. अब इस मुलाकात पर सांसद मनीष तिवारी ने स्वयं प्रतिक्रिया दी है. 

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा कि वे अभी भी थोड़े "पुराने ख्यालों" के हैं और प्रोटोकॉल के नियमों के साथ-साथ पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने में विश्वास रखते हैं. 

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यह बयान तब आया जब चंडीगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई. 

प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में शुक्रवार को 4700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. मनीष तिवारी इसी क्षेत्र से सांसद हैं. 

मोदी के साथ अपनी बातचीत को लेकर हो रही चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए तिवारी ने कहा, "मैंने हमेशा पार्टी की राजनीति से ऊपर विकास की ज़रूरतों को रखने की कोशिश की है."

तिवारी ने एक्स पर लिखा, "24 अगस्त 2022 को जब प्रधानमंत्री न्यू चंडीगढ़ में डॉ. होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (टाटा मेमोरियल सेंटर) का उद्घाटन करने आए थे तो श्री आनंदपुर साहिब के सांसद के तौर पर मैं भी वहां मौजूद था. आज वह टाटा मेमोरियल सेंटर पूरे इलाके के हज़ारों कैंसर मरीज़ों के लिए जीवन रेखा बना हुआ है."

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यह भी पढ़ें: पहले मिलाया हाथ, फिर बातचीत... चर्चा में है PM मोदी और मनीष तिवारी की ये तस्वीर

उन्होंने X पर कहा, "17 जुलाई 2026 को जब प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ और मेरे पुराने संसदीय क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, तो मैं फिर से वहां मौजूद था क्योंकि ये परियोजनाएं उन लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने में मदद करेंगी जिनकी सेवा के लिए हमें चुना गया है."

"एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर पिछले 45 सालों में हमने देखा है कि हमारी राजनीति कैसे धीरे-धीरे बिगड़ती गई है. उन्होंने कहा कि यह राजनीति ज़्यादा ज़हरीली और नुकसानदेह हो गई है, जहां राजनीतिक विरोधियों को अब जान का दुश्मन माना जाता है."

उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दिल्ली इस बिगड़ी हुई राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है.

तिवारी ने कहा, "हालांकि मैं अभी भी थोड़े पुराने ख्यालों का इंसान हूं, जो कुछ बुनियादी शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के नियमों में विश्वास रखता है, और सबसे बढ़कर पार्टी की राजनीति से ऊपर विकास की ज़रूरतों को रखता हूं." उन्होंने आगे कहा, "मैं ऐसा ही हूं चाहे कोई कुछ भी सोचे!"

यह बात तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही तिवारी ने X पर एक रहस्यमयी पोस्ट किया था और कहा था कि काश उनके पास "लोगों" और "संस्थानों" की "असुरक्षा की भावना" का कोई इलाज होता, जबकि कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 सालों में बहुत कुछ दिया है और उन्होंने भी अपनी पूरी जवानी पार्टी की सेवा में लगा दी है. 

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उन्होंने यह बात तब कही जब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में हुए फेरबदल के दौरान उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया था. 

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