लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को आजतक के खास कार्यक्रम 'पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश' में शिरकत की. इस दौरान चिराग पासवान ने पार्टी और आगामी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की और सवालों के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों दलों ने संविधान खत्म होने का भ्रम फैलाकर वोट लेने की कोशिश की
चिराग पासवान ने कहा कि, 'जब मेरे प्रधानमंत्री विकसित भारत की कल्पना करते हैं. ऐसे में देश के हर राज्य का आगे बढ़ना जरूरी है. बिहार उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां देश की एक बड़ी आबादी रहती है. ऐसे में अगर उस आबादी के एक हिस्से के साथ सिर्फ इसलिए क्योंकि वो वर्ग विशेष से आते हैं, वो वंचित है उनके पास आज भी संभवता मुख्य धारा के साथ नहीं जुड़ पाए. ऐसे में उनकी आवाज बन सकूं. उन्होंने कहा कि जो प्रयास मेरे नेता मेरे पिता आदरणीय रामविलास पासवान ने किया था मैं भी उन्हीं की सोच के साथ आया हूं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, मैं लोक जनशक्ति पार्टी के विस्तार की सोच रखता हूं. मेरे नेता ने चाहा था की पार्टी अलग-अलग राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करे और आज मुझे खुशी है कि आज न सिर्फ बिहार में बल्कि झारखंड में हमारे विधायक हैं. नगालैंड में हमारे विधायक है. कई राज्यों में लोकल बॉडी के चुनाव से जीते हुए हमारे जनप्रतिनिधि मौजूद हैं तो वहीं उत्तर प्रदेश के लिए भी यही सोच है की पार्टी एक मजबूत उपस्थिति यहां दर्ज कराए.
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता रामविलास पासवान का उत्तर प्रदेश से गहरा जुड़ाव था. उन्होंने 1985 में बिजनौर से लोकसभा चुनाव लड़ा था और 2002 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के दो विधायक जीतकर सदन पहुंचे थे. वह अपने पिता की इसी राजनीतिक सोच और विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.
चिराग ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के एक बड़े वर्ग की आवाज मजबूती से उठाने वाले नेताओं की कमी दिखाई देती है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने संविधान और आरक्षण खत्म किए जाने का भ्रम फैलाकर दलितों के वोट हासिल किए. अब जब इस वर्ग के लोगों के साथ अन्याय होता है, तो विपक्षी दल उनके साथ खड़े नजर नहीं आते.
मायावती और चंद्रशेखर आजाद की राजनीति पर उन्होंने कहा कि किसी घटना को राजनीतिक लाभ या चेहरा चमकाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए. सबसे जरूरी उस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है, जिसके साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने मायावती के सामाजिक योगदान को स्वीकार करते हुए कहा कि वर्तमान समय में उनकी सक्रियता पहले जैसी दिखाई नहीं देती.
‘पंडित, पासी और पासवान’ के नारे पर चिराग ने कहा कि उनकी राजनीति किसी एक जाति तक सीमित नहीं है. वह समाज के हर गरीब, वंचित और पीड़ित व्यक्ति की आवाज बनना चाहते हैं. युवाओं से उन्होंने शिक्षा के जरिए खुद को सशक्त बनाने और अपनी लड़ाई स्वयं लड़ने की अपील की.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज पर चिराग ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश को कठिन परिस्थितियों से निकालने का प्रयास किया है. कानून-व्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में सुधार हुआ है, लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है. उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत के निर्माण में मजबूत योगदान दे सकता है.
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